MP में ‘AI वाला भ्रष्टाचार’? खंडवा को मिला नेशनल वॉटर अवॉर्ड विवादों में; कांग्रेस का आरोप— गड्ढों को AI से कुआं दिखाकर राष्ट्रपति को किया गुमराह

शफी उस्मानी
भोपाल/खंडवा: मध्य प्रदेश की राजनीति में अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) की एंट्री हो गई है, लेकिन किसी तकनीकी विकास के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए। कांग्रेस ने खंडवा जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ‘राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार’ जीतने के लिए AI की मदद से फर्जी तस्वीरें तैयार कीं और केंद्र सरकार व राष्ट्रपति को गुमराह किया।

“बीजेपी राज में भ्रष्टाचार भी स्मार्ट हो गया है। खंडवा में अधिकारियों ने जल संरक्षण के नाम पर महज दो फीट गहरे गड्ढों को AI की मदद से आलीशान कुओं में बदल दिया। पूरे क्षेत्र के विकास कार्यों की फर्जी तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड की गईं और इन्हीं के आधार पर राष्ट्रपति से पुरस्कार ले लिया गया। जमीन पर देखने गए तो वहां सिर्फ खाली मैदान मिले।”
जहाँ भाजपा सरकार को हमारे बच्चों को AI का सदुपयोग सिखाना चाहिए, वहीं वह खुद AI से भ्रष्टाचार कर रही है।
खंडवा में भाजपा सरकार के अधिकारियों ने जल संरक्षण के नाम पर दो फीट के गड्ढों को AI से कुआँ बना दिया और पूरे क्षेत्र में तरह तरह के विकास कार्यों की AI से बनाई गई तस्वीरें… pic.twitter.com/ya4gLLTUmf
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) December 29, 2025
प्रशासन की सफाई: “गलती हुई, लेकिन इरादा गलत नहीं था” इन गंभीर आरोपों के बाद खंडवा जिला पंचायत CEO नागार्जुन बी गौड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। प्रशासन ने भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा:
- जांच के बाद मिला अवॉर्ड: जल संरक्षण के तहत हुए 1 लाख 29 हजार से अधिक कामों की वास्तविक जांच के बाद ही अवॉर्ड के लिए डेटा भेजा गया था। केंद्रीय मंत्रालय ने खुद फील्ड इंस्पेक्शन किया था।
- AI तस्वीरों का सच: CEO ने स्वीकार किया कि ‘कैच द रेन’ पोर्टल (जो केवल शैक्षिक और प्रेरक कार्यों के लिए है) पर AI द्वारा बनाई गई 21 तस्वीरें अपलोड की गई थीं। प्रशासन का दावा है कि ये तस्वीरें किसी गलत इरादे से नहीं डाली गईं, फिर भी इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
2 करोड़ का इनाम और प्रथम स्थान: बता दें कि नवंबर 2025 में दिल्ली में आयोजित छठवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में खंडवा जिले को जल संरक्षण (JSJB अभियान) में पूरे देश में प्रथम स्थान मिला था। इस उपलब्धि के लिए जिले को दो करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी दी गई थी। अब कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।










