बड़ी खबर: सीएम नीतीश कुमार द्वारा हिजाब खीचने के विवाद में नया मोड़…! “अपमान बर्दाश्त नहीं”: नौकरी को मारी लात, डॉ. नुसरत परवीन ने छोड़ी बिहार सरकार की नौकरी, कोलकाता लौटीं

तारिक आज़मी

PNN24 न्यूज़ डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक का कथित तौर पर हिजाब खींचने का मामला अब और गंभीर हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ यह घटना हुई, उन्होंने न केवल बिहार छोड़ दिया है, बल्कि नीतीश सरकार की नौकरी को भी ठुकरा दिया है। वह फिलहाल कोलकाता में अपने परिवार के पास हैं और इस पूरी घटना से गहरे सदमे में बताई जा रही हैं।

“अपमान बर्दाश्त नहीं”: नौकरी को मारी लात

15 दिसंबर 2025 को नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान हुई इस घटना ने डॉ. नुसरत को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित किया है।

  • सदमे में डॉक्टर: बताया जा रहा है कि नुसरत इस कृत्य को एक लड़की और एक पेशेवर डॉक्टर के नाते अपना घोर अपमान मान रही हैं।
  • भाई का बयान: नुसरत के भाई ने मीडिया को बताया कि उनकी बहन इतनी आहत हैं कि उन्होंने फैसला किया है कि वह यह नौकरी (आयुष चिकित्सक) नहीं करेंगी। परिवार और दोस्त उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नुसरत अपने फैसले पर अडिग दिख रही हैं।
  • बिहार से दूरी: वह पटना छोड़कर अपने घर कोलकाता चली गई हैं और फिलहाल किसी से भी बात करने की स्थिति में नहीं हैं।

देशभर में आक्रोश और अंतरराष्ट्रीय धमकी

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही नीतीश कुमार चौतरफा घिर गए हैं:

  • इस्तीफे की मांग: भारत के तमाम विपक्षी दल इस घटना को महिला अस्मिता पर हमला बताते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: खबर है कि पाकिस्तान से डॉन शहजाद भट्टी ने इस मामले को लेकर धमकी भरा बयान जारी किया है, जिससे मामला सुरक्षा के नजरिए से भी संवेदनशील हो गया है।
  • सोशल मीडिया पर किरकिरी: ट्विटर (X) और फेसबुक पर हैशटैग्स के जरिए नीतीश सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या नियुक्ति पत्र देने का मतलब किसी की धार्मिक पहचान और गरिमा से खिलवाड़ करना है?

जेडीयू (JDU) की सफाई

चौतरफा हमले के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) बचाव की मुद्रा में है:

  • पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा कभी गलत नहीं रही है।
  • उन्होंने दलील दी है कि नीतीश कुमार ने हमेशा मुस्लिम समाज और पसमांदा समुदाय के उत्थान के लिए काम किया है और इस घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

आगे क्या?

अगर डॉ. नुसरत परवीन अपने फैसले पर कायम रहती हैं और औपचारिक रूप से इस्तीफा देती हैं, तो यह नीतीश सरकार के लिए एक बड़ा नैतिक और राजनीतिक झटका होगा। यह मामला अब केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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