‘पूरी तरह डिफ़ेंसिव!’ चुनाव सुधार पर शाह के जवाब से राहुल गांधी असहमत, बोले- वोटर लिस्ट और EVM पर एक शब्द नहीं कहा

आदिल अहमद
PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। लोकसभा में चुनाव सुधार पर चल रही तीखी बहस के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए जवाब पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने असंतोष व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने अमित शाह के पूरे भाषण को ‘पूरी तरह से डिफ़ेंसिव (Defensive)’ बताया और आरोप लगाया कि उनके द्वारा उठाए गए सबसे गंभीर और ज़रूरी सवालों का जवाब नहीं दिया गया है। गृह मंत्री के भाषण के दौरान कांग्रेस के सांसदों ने सदन का बायकॉट भी किया।
‘वोटर लिस्ट और EVM आर्किटेक्चर पर चुप्पी’
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि अमित शाह ने उनके मुख्य आरोपों और सुझावों को नज़रंदाज़ किया है।
- राहुल गांधी का बयान: उन्होंने कहा, “गृह मंत्री का जवाब पूरी तरह से डिफ़ेंसिव था। हमने जो पॉइंट्स रखे हैं, उनका जवाब नहीं दिया। एक उदाहरण लेकर बोल रहे हैं। यह पूरी तरह से डिफ़ेंसिव रिस्पॉन्स था।”
- नज़रअंदाज़ किए गए मुद्दे: राहुल गांधी ने खासकर दो सबसे अहम तकनीकी और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर अमित शाह की ‘चुप्पी’ को निशाने पर लिया:
- वोटर लिस्ट की पारदर्शिता: “मैंने दो-तीन चीज़ें कही थीं। मैंने कहा था कि एक पारदर्शी वोटर लिस्ट सबको दीजिए, उसके बारे में एक शब्द नहीं बोला।”
- EVM का आर्किटेक्चर: “मैंने कहा कि ईवीएम का आर्किटेक्चर सबको दे दीजिए। उसके बारे में एक शब्द नहीं कहा।”
राहुल गांधी का यह आरोप है कि सरकार तकनीकी पारदर्शिता से जुड़े बुनियादी सवालों से भाग रही है।
‘वोट चोरी’ के सबूतों पर भी चुप्पी
राहुल गांधी ने हरियाणा और बिहार में ‘वोट चोरी’ के उनके आरोपों पर भी अमित शाह के जवाब को अपर्याप्त बताया।
- सबूतों पर सवाल: उन्होंने कहा, “मैंने कहा था बीजेपी के नेता हरियाणा और बिहार में वोट दे रहे हैं, उसके बारे में नहीं कहा। मेरे प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पक्के सबूत हैं, उसके बारे में कुछ नहीं बोला।”
राहुल गांधी का दावा है कि उनके पास वोटर लिस्ट में धांधली के पुख्ता सबूत थे, लेकिन गृह मंत्री ने उन सबूतों को सिरे से खारिज करने या उन पर सफाई देने की बजाय बचाव की मुद्रा अपनाई। यह राजनीतिक टकराव दिखाता है कि चुनाव सुधारों और लोकतंत्र की शुचिता को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरा अविश्वास बना हुआ है।
क्या था राहुल के आरोपों पर अमित शाह का मुख्य जवाब
अमित शाह ने अपने भाषण में राहुल गांधी के मुख्य आरोपों को खारिज करने के लिए कई तर्क दिए, जिसके बाद कांग्रेस सांसदों ने सदन का बहिष्कार कर दिया था।
- वोट चोरी का आरोप:
- अमित शाह ने सीधे तौर पर राहुल गांधी के वोट चोरी के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हार के लिए बहाने नहीं ढूंढने चाहिए।
- उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने खुद अतीत में कई बार वोट चोरी की है और लोकतंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है, जबकि बीजेपी हमेशा ईमानदार चुनावी प्रक्रिया की पक्षधर रही है।
- उन्होंने कहा कि यह अजीब है कि जब कांग्रेस जीतती है, तब चुनाव आयोग (ECI) अच्छा होता है, लेकिन जब हारती है, तो ECI पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
- EVM और पारदर्शिता:
- राहुल गांधी के EVM के आर्किटेक्चर को साझा करने की मांग पर अमित शाह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है।
- उन्होंने EVM की विश्वसनीयता पर जोर दिया और कहा कि कोर्ट बार-बार इन मशीनों की विश्वसनीयता को प्रमाणित कर चुका है।
- उन्होंने कहा कि EVM को लेकर संदेह उठाना भारत के लोकतंत्र पर संदेह उठाने जैसा है।
- वोटर लिस्ट में धांधली (हरियाणा/बिहार):
- गृह मंत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की अनियमितता या डुप्लीकेसी की जांच करना और उसे ठीक करना चुनाव आयोग का अधिकार और दायित्व है।
- उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के छोटे-मोटे मामलों को ‘वोट चोरी’ जैसे गंभीर राष्ट्रीय आरोप से नहीं जोड़ना चाहिए।
‘अपरिपक्व और डिफ़ेंसिव’ की लड़ाई
राहुल गांधी ने शाह के जवाब को ‘डिफ़ेंसिव’ बताया, लेकिन अमित शाह ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता की राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाए।
- शाह का निशाना: उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि इतनी गंभीर बहस में गैर-जिम्मेदाराना आरोप लगाना अपरिपक्वता दर्शाता है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा: शाह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर इस तरह के झूठे आरोप लगाकर राहुल गांधी देश को गलत संदेश दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, अमित शाह ने अपने जवाब में आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस पर ही राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया, जिसके चलते राहुल गांधी को यह जवाब पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में लगा।











