मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में DIG त्यागी के आवाज़ की होगी फोरेंसिक जाँच…! आपत्तिजनक ऑडियो पर सवाल पूछने वाले इस्लामुल्लाह अंसारी पर दर्ज़ सभी मुक़दमे SC ने किए रद्द

तारिक खान
PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बस्ती में तैनात पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) संजीव त्यागी को फोरेंसिक जाँच के लिए अपनी आवाज़ का सैंपल जमा कराने का बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट यह जाँच करेगी कि 2020 में वायरल एक आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप में उन्हीं की आवाज़ थी या नहीं। इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने देहरादून के 73 वर्षीय व्यक्ति इस्लामुद्दीन अंसारी के खिलाफ दर्ज सभी मुक़दमे भी वापस लेने का आदेश दिया है, जिन्होंने DIG त्यागी से इस वायरल क्लिप के बारे में सवाल पूछा था।
सवाल पूछना बना मुसीबत
यह पूरा विवाद 2020 में तब शुरू हुआ था जब संजीव त्यागी बिजनौर के एसपी थे और देश में कोरोना महामारी फैली थी।
- अंसारी का सवाल: देहरादून निवासी इस्लामुद्दीन अंसारी ने DIG त्यागी (जो उस समय एसपी थे) को एक ऑडियो फाइल भेजी थी, जिसमें मुसलमानों के खिलाफ काफी आपत्तिजनक बातें थीं। अंसारी ने त्यागी से पूछा था कि क्या यह उनकी आवाज है?
- मुकदमा दर्ज: उन्हें जवाब तो नहीं मिला, लेकिन 29 मार्च 2020 को बिजनौर के कोतवाली शहर थाने में ऑडियो क्लिप के खिलाफ FIR दर्ज करा दी गई। हालांकि FIR ‘अज्ञात’ के खिलाफ थी, लेकिन उसमें अंसारी का मोबाइल नंबर दिया गया और उन पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की अफवाह फैलाने का आरोप लगाया गया।
- उत्पीड़न के आरोप: अंसारी ने आरोप लगाया कि उसी दिन पुलिस देहरादून में उनके घर घुस गई, उन्हें जबरदस्ती बिजनौर ले जाया गया, जहाँ 5 घंटे तक पूछताछ हुई और उनका मोबाइल और पर्स जब्त कर लिया गया।
- चार्जशीट और कोर्ट: 7 जुलाई 2020 को दाखिल चार्जशीट में अंसारी को आरोपी बना दिया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जब उनकी अर्जी खारिज कर दी, तो अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
SC का सख्त आदेश: ‘शक्ति का दुरुपयोग’
सुप्रीम कोर्ट में अंसारी के वकीलों ने दलील दी कि उन पर केस सिर्फ एक पुलिस अधिकारी से सवाल पूछने के लिए परेशान करने के इरादे से दर्ज किया गया था। अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने वह क्लिप सिर्फ एसपी को भेजी थी, उसे कहीं वायरल नहीं किया था।
- कोर्ट की टिप्पणी: जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने अंसारी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को ‘पूरी तरह से शक्ति का दुरुपयोग और अदालत की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल‘ बताया।
- उत्पीड़न पर रोक: कोर्ट ने साफ कहा कि अगर आगे किसी भी अधिकारी ने अंसारी को परेशान करने या उन पर दबाव बनाने की कोशिश की, तो अंसारी सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
- सभी मुक़दमे रद्द: सुप्रीम कोर्ट ने अंसारी के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे तुरंत वापस लेने का आदेश दिया।
DIG त्यागी की आवाज़ का सैंपल होगा जब्त
कोर्ट ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है:
- जांच का निर्देश: कोर्ट ने आदेश दिया कि DIG संजीव त्यागी की आवाज़ का सैंपल लिया जाए और उसका मिलान उस ऑडियो क्लिप से कराया जाए जो अंसारी ने उन्हें भेजी थी।
- जांच एजेंसी: सैंपल की जाँच तेलंगाना की फॉरेंसिक लैब (FSL) हैदराबाद में होगी। कोर्ट ने FSL के डायरेक्टर को 31 जनवरी 2026 तक सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
यह मामला दिखाता है कि कैसे एक नागरिक द्वारा सवाल पूछने पर उसे अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है, और न्याय के लिए उसे सुप्रीम कोर्ट तक लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को होगी।











