अंकिता भंडारी केस में जनआक्रोश: सीएम धामी बोले— “अंकिता के माता-पिता से बात कर लेंगे फैसला”; विपक्ष ने पूछा— “VIP से डर कैसा?”

मो0 सलीम
देहरादून: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य में एक बार फिर आंदोलनों का सैलाब उमड़ पड़ा है। करीब 15 दिनों तक जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और सीबीआई (CBI) जांच के मुद्दे पर वे अंकिता के माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे।

“अंकिता के माता-पिता इस दुखद घटना से सबसे अधिक प्रभावित हैं। मैं स्वयं उनसे बात करूँगा और उनकी भावनाओं, पीड़ा व अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। हमारी एसआईटी जांच पर सर्वोच्च न्यायालय तक ने संतोष जताया है।”
विपक्ष का पलटवार: “जांच कानून से होती है, आदेश से नहीं” मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे जिम्मेदारी से भागना करार देते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री का यह कहना कि वे माता-पिता के आदेश पर काम करेंगे, संविधान का अपमान है। जांच माता-पिता के कहने पर नहीं, बल्कि कानून के आधार पर होती है। मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच कराने से डर क्यों लग रहा है?”
बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम ने दर्ज कराई FIR इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ ‘आपराधिक षड्यंत्र’ की एफआईआर दर्ज कराई है। गौतम का कहना है कि चार्जशीट में कहीं भी उनका नाम नहीं है, फिर भी उन्हें बदनाम किया जा रहा है। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आरोप लगाने पर एफआईआर हो रही है, तो बीजेपी को “पूरे उत्तराखंड पर केस” करना चाहिए, क्योंकि राज्य की जनता सड़कों पर है।
‘VIP’ के मुद्दे पर उलझी पुलिस और जनता पूर्व एसआईटी सदस्य और एसपी शेखर सुयाल के उस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है जिसमें उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट में कोई ‘VIP’ नहीं था। भाकपा (माले) के इंद्रेश मैखुरी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले में ‘VIP’ का जिक्र बार-बार आया है, यह एसआईटी की नाकामी है कि वह उस रसूखदार तक नहीं पहुँच पाई।
📌 ताजा घटनाक्रम और बड़ी बातें:
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11 जनवरी: उत्तराखंड महिला मंच ने न्याय की मांग को लेकर ‘प्रदेश बंद’ का आह्वान किया है।
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सज़ा: मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके साथी मई 2025 से उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
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विवाद: उर्मिला सनावर द्वारा जारी कथित ऑडियो क्लिप और व्हाट्सएप चैट ने मामले को फिर गरमाया।
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बीजेपी का स्टैंड: राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष पर “गैर-जिम्मेदार राजनीति” का आरोप लगाया और साक्ष्य पेश करने की चुनौती दी।











