अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की आग फिर भड़की; कांग्रेस ने पूछा— “कौन है वो VIP जिसे बचा रही है सरकार?”, CBI जांच की मांग तेज़

आफताब फारुकी
देहरादून/पौड़ी: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। रविवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग इस पूरे मामले की CBI जांच और उस कथित ‘वीआईपी’ (VIP) की तत्काल गिरफ्तारी है, जिसका जिक्र अंकिता ने अपनी मौत से पहले किया था।

“अंकिता पर रिसॉर्ट में ‘विशेष सेवाएं’ देने का दबाव बनाया गया था। जब उसने इनकार किया, तो उसकी हत्या कर दी गई। न्याय सुनिश्चित करने के बजाय, राज्य और केंद्र की भाजपा सरकारें दोषियों को बचाने के लिए निष्पक्ष जांच से बच रही हैं।”
पार्टी ने आगे कहा कि पूरा देश इस जघन्य अपराध से सदमे में है और अब केवल CBI की निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।
क्या है पूरा मामला? 19 वर्षीय अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं।
- सितंबर 2022: अंकिता की हत्या कर दी गई और उनका शव लापता होने के एक हफ्ते बाद चीला शक्ति नहर से बरामद हुआ।
- आरोपी: रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता का बेटा) और उसके दो सहयोगी अंकित गुप्ता व सौरभ भास्कर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं।
- विवाद: जांच के दौरान अंकिता की अपने दोस्त पुष्पदीप के साथ हुई चैट और कॉल डिटेल्स सामने आई थीं, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन पर अनैतिक गतिविधियों (Extra Services) में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
VIP का रहस्य बरकरार: उत्तराखंड की जनता में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा है कि वह ‘वीआईपी’ कौन था, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था? विपक्ष का आरोप है कि सरकार उस रसूखदार व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रही है, इसीलिए मामले को सीबीआई को नहीं सौंपा जा रहा है।










