असम में अंधविश्वास का तांडव: जादू-टोने के शक में दंपति की हत्या कर जलाया शव; पुलिस ने 4 महिलाओं समेत 20 आरोपियों को दबोचा

ईदुल अमीन
हावराघाट (असम): असम के कार्बी आंगलोंग जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के ‘1 नंबर बेलोगुरी मुंडा’ गांव में जादू-टोना करने के संदेह में ग्रामीणों ने एक दंपति की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर उनके शवों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस सामूहिक अपराध में शामिल 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की कार्रवाई और खुलासा: हावराघाट थाना प्रभारी सुंथोम श्याम ने स्पष्ट किया कि जांच में पता चला है कि ग्रामीणों ने पहले दोनों की हत्या की और उसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से उनके शवों को जला दिया।
कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक (SP) पुष्पा राज सिंह ने बताया:
“हावराघाट थाना क्षेत्र के इस गांव में कुल 150-200 लोग रहते हैं। हमने साक्ष्य जुटाए और 48 घंटों के भीतर इस सामूहिक अपराध में शामिल 4 महिलाओं समेत कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।”
अधिकारियों ने किया गांव का दौरा: शनिवार को असम पुलिस के आईजी (कानून-व्यवस्था) अखिलेश सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस अब आसपास के इलाकों में भी इस तरह की कुप्रथाओं और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों की छानबीन करने की योजना बना रही है।
कानूनी स्थिति: असम में ‘विच हंटिंग’ (जादू-टोना के नाम पर प्रताड़ना) के खिलाफ सख्त कानून होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य फरार संदिग्धों की भी तलाश जारी है।










