अयोध्या गैंगरेप केस में बड़ा मोड़: मुख्य आरोपी मोईद खान ‘बाइज्जत बरी’, नौकर राजू दोषी करार; डीएनए रिपोर्ट बनी ढाल, अब सपा ने सरकार से मांगे जवाब
अयोध्या गैंगरेप केस: विशेष पॉक्सो अदालत ने मुख्य अभियुक्त मोईद खान को किया 'बाइज्जत बरी', नौकर राजू खान दोषी करार। डीएनए रिपोर्ट ने पलटा मामला। सपा ने पूछा— "बुलडोजर कार्रवाई और बदनामी की भरपाई कौन करेगा?" पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित अयोध्या गैंगरेप मामले (2024) में बुधवार को विशेष पॉक्सो अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश निरुपमा विक्रम ने साक्ष्यों के अभाव और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मुख्य अभियुक्त मोईद खान को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया है। वहीं, अदालत ने उनके नौकर राजू खान को बलात्कार का दोषी माना है।

सियासी घमासान: जब विधानसभा में गूंजा था नाम जुलाई 2024 में जब यह मामला सामने आया था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में मोईद खान का नाम लेते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी का नेता बताया था और ‘कठोरतम कार्रवाई’ की बात कही थी।
- बुलडोजर कार्रवाई: गिरफ्तारी के तुरंत बाद प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को ‘अवैध निर्माण’ बताते हुए बुलडोजर से जमींदोज कर दिया था।
- सपा का पलटवार: अब अदालत से बरी होने के बाद समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी पर हमला बोला है। पार्टी ने सवाल किया है कि क्या अब मुख्यमंत्री मोईद खान की बदनामी, मानसिक पीड़ा और आर्थिक नुकसान की भरपाई करेंगे?
क्या जेल से बाहर आएंगे मोईद खान? भले ही मोईद खान गैंगरेप के संगीन आरोपों से बरी हो गए हों, लेकिन वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज है, जिसमें उन्हें अभी जमानत मिलना बाकी है। दूसरी ओर, विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।











