सोने की कीमतों में ऐतिहासिक ‘महा-उछाल’: 5000 डॉलर के पार पहुँचा भाव, भारत में 1.61 लाख रुपये हुआ 10 ग्राम सोना; क्या अब निवेश करना है सुरक्षित?

सोने की कीमतों ने तोड़ा इतिहास: 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुँचा भाव! ट्रंप की नीतियां, डॉलर की कमजोरी या सेंट्रल बैंकों की होड़— आखिर क्यों 'पीला सोना' बन गया है निवेशकों की पहली पसंद? पढ़ें PNN24 की विशेष बिजनेस रिपोर्ट।

निलोफर बानो

वाराणसी/मुंबई: वैश्विक बाज़ारों में मची उथल-पुथल के बीच ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में सोने ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। 26 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने की कीमत पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई। भारतीय बाज़ार की बात करें, तो यहाँ 10 ग्राम सोने की कीमत 1,61,000 रुपये के करीब पहुँच चुकी है। साल 2026 के पहले महीने में ही सोना 17 फ़ीसदी से ज़्यादा चढ़ चुका है।

कीमतें बढ़ने के 3 बड़े कारण:

  1. डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां और वैश्विक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ‘टैरिफ वॉर’ और कनाडाई सामान पर 100% टैक्स की धमकी ने निवेशकों को डरा दिया है। इसके अलावा वेनेज़ुएला और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने शेयर बाज़ार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे लोग अपना पैसा निकालकर सोने में लगा रहे हैं।
  2. सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: चीन, भारत, पोलैंड और तुर्की जैसे देशों के केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, उभरते हुए देश हर महीने औसतन 60 टन सोना खरीद रहे हैं।
  3. डॉलर की कमजोरी: अमेरिका और जापान के हस्तक्षेप के बाद डॉलर की ताकत कम हुई है। चूंकि सोना डॉलर में खरीदा जाता है, इसलिए डॉलर कमजोर होने पर यह विदेशी खरीदारों के लिए सस्ता और आकर्षक हो गया है।

भारत पर असर: ज्वेलरी बाजार आधा, निवेश 20% बढ़ा

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रवक्ता सीए सुरिंदर मेहता के अनुसार, “महंगे सोने की वजह से भारत में ज्वेलरी की बिक्री 40 से 50 फीसदी तक गिर गई है। हालांकि, निवेश के रूप में सोने की मांग में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है क्योंकि लोगों को उम्मीद है कि कीमतें और बढ़ेंगी।”

क्या यह निवेश का सही समय है? (एक्सपर्ट राय)

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के अंत तक सोना 5,400 डॉलर से लेकर 7,150 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। लेकिन निवेशकों के लिए कुछ सावधानियां ज़रूरी हैं:

  • बबल का खतरा: कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कीमतें इतनी तेज़ी से बढ़ी हैं कि यह एक ‘बबल’ (बुलबुला) हो सकता है जो कभी भी गिर सकता है।
  • किस्तों में निवेश: आर्थिक इतिहासकार डॉ. फिलिप फ्लायर्स की सलाह है कि एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय धीरे-धीरे ‘लॉन्ग टर्म’ के लिए निवेश करें।

📊 सोने की कीमतों का सफर: एक नज़र में

समय वैश्विक भाव (प्रति औंस) भारतीय भाव (प्रति 10 ग्राम)
2025 (औसत) $3,000 – $3,500 ₹95,000 – ₹1,10,000
जनवरी 2026 $5,000+ ₹1,61,000
2026 अंत (अनुमान) $5,400 – $7,000 ₹1,80,000+

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