चीन को ‘क्लीन चिट’ और ट्रंप के आगे ‘सरेंडर’? मल्लिकार्जुन खड़गे ने साधा पीएम मोदी पर निशाना; बोले— “चीनी कंपनियों के लिए रेड कार्पेट बिछा रही है सरकार”

आफताब फारूकी
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर भारत के राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में बोली लगाने के लिए चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदी को हटाने की तैयारी कर रही है। खड़गे ने इसे गलवान के शहीदों के बलिदान का अपमान करार दिया है।
“देश नहीं झुकने दूँगा” का क्या हुआ? खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने नारों पर तंज़ कसते हुए ‘एक्स’ पर लिखा:
“प्रधानमंत्री कहते थे— ‘मैं देश नहीं झुकने दूँगा’, लेकिन आज जो हो रहा है, वो बिल्कुल उसका उल्टा है। 5 साल से चीनी कंपनियों पर लगा बैन हटाया जा रहा है। गलवान में हमारे वीर सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान तो मोदी जी ने चीन को ‘क्लीन चिट’ थमाकर पहले ही कर दिया था।”
ट्रंप की ‘सर’ वाली टिप्पणी पर पलटवार: हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीएम मोदी को ‘सर’ कहकर संबोधित करने और भारतीय टैरिफ पर की गई टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए खड़गे ने कहा:
- अमेरिकी राष्ट्रपति रोज़ाना भारत के रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहे हैं, लेकिन मोदी जी चुप हैं।
- ट्रंप द्वारा सुनाई गई ‘सर’ वाली बात, सम्मान से ज़्यादा ‘सरेंडर’ (आत्मसमर्पण) की तरह दिखती है।
- कांग्रेस के लिए विदेश नीति का मतलब राष्ट्रहित सर्वोपरि होना है, न कि व्यक्तिगत छवि।
क्या था 2020 का प्रतिबंध? कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी खबरों के हवाले से दावा किया कि सरकार ‘जनरल फाइनेंशियल नियम, 2017’ में बदलाव करने जा रही है।
- गौरतलब है कि 15 जून 2020 को गलवान घाटी में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद, भारत ने अपनी सीमा साझा करने वाले देशों (मुख्यतः चीन) की कंपनियों के लिए सरकारी खरीद में बोली लगाने पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे।
- अब कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इन नियमों को ढीला कर चीनी निवेश के लिए रास्ता खोल रही है।
विपक्ष की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे कि आखिर किन परिस्थितियों में चीनी कंपनियों को फिर से भारतीय बाज़ार और सरकारी ठेकों में प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि सीमा पर तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।










