नव वर्ष के मौके पर पर्यटकों से दुधवा रहा गुलजार, दूर-दूर से दुधवा पहुंचे पर्यटकों ने बंगाल टाइगर का किया दीदार

फारुख हुसैन
पलिया कलां खीरी। नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए लोग बहुत ही बेताब नजर आए। बीते जहां कुछ दिनों से लोगों को सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो रहे थे, लेकिन नव वर्ष के पहले दिन सुबह से ही धूप निकल आई। जिसकी वजह से सुबह से ही दुधवा टाइगर रिजर्व में सैलानियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ज्यादातर पर्यटकों ने पर्यटन परिसर में पिकनिक मनाकर आनंद उठाया। लेकिन हाउसफुल होने के कारण काफी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे पर्यटकों की मंशा पर पानी फिर गया और बुकिंग फुल होने के कारण बहुत से सैलानी जंगल के अंदर खुले में विचरण करने वाले वन्य जीवों का दीदार करने नहीं जा सके।

दुधवा टाइगर रिजर्व में नये साल पर सैलानियों की संख्या काफी रही। सुबह से ही सैलानियों की दिखने लगी थी। कानपुर,लखनऊ,मुंबई, शाहजहांपुर, दिल्ली,बहराइच सहित कई महानगरों व शहरों से सैलानी दुधवा में पहुंचे। इसके साथ-साथ लोकल के पर्यटक भी काफी संख्या में दुधवा में पार्टी करते नजर। पर्यटकों की बढ़ी संख्या के चलते पर्यटन परिसर के बाहर बने स्टैंड पर गाड़ियों का तांता लगा था। दुधवा में नये साल पर बहराइच से पहुंचे नमन,अभिनव, प्रिया मिश्रा और नोएडा से पहुंची प्रिया मिश्रा पहली बार वन्यजीवों का दीदार करने के लिए दुधवा पहुंची थी जहां पर वह काफी खुश नजर आई।
इसके साथ ही पलिया से रिदा, आसिफ हुसैन, नेहा फरहीन, आलिया, आरिज़ शम्सी फरहान और रुकैया बानो, अमान भी दुधवा में पिकनिक मनाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जंगल भ्रमण करने के लिए पार्क प्रशासन ने दुधवा फुल होने की बात कही है, लेकिन नया साल मनाना है तो दुधवा पर्यटन परिसर में ही मना लेंगे।
पक्षियों का सैलानियों ने किया दीदार
पार्क भ्रमण में पर्यटकों ने पक्षियों की पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों का दीदार किया। साथ ही हजारों किलोमीटर का सफर तय करके दुधवा पहुंचे माइग्रेटिव बर्ड यानी कि प्रवासी पंछियों का भी पर्यटक को नहीं दीदार किया और उनकी चहचहाहट से उनका मन प्रफुल्लित हो उठा। उनके साथ मौजूद गाइडों ने उनको इसकी विशेषताएं बताने के साथ ही नाम भी बताए। जिससे सैलानी काफी उत्साहित दिखाई दिए। बता दें कि पक्षियों की प्रजातियो में बंगाल फ्लोरिकन, फिसिंग ईगल, लेसर फ्लोरिकन, ग्रेट इंडियन हर्नबिल, इंडियन पाइड हार्न बिल, लैगर फैल्कान, पीफाउल, स्पड विल्ड डक समेत पक्षियों की 450 प्रजातियां दुधवा में पाई जाती हैं।
बढ़ती दरो में भी दुधवा में पर्यटन पर नहीं पड़ा कोई फर्क
दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन परिसर में जहां बढ़ोतरी की गई थी इसके साथ-साथ दुधवा एंट्री फीस में भी बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन नव वर्ष के मौके पर पर्यटन पर किसी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ा। पर्यटकों की माने तो लगातार काफी वक्त से दूर-दूर से दुधवा पहुंचे पर्यटकों को बंगाल टाइगर और एक सींग वाले गैंडे का दीदार हो रहा था, जिसकी वजह से इन खुले में विचरण करने वाले वन्य जीवों का दीदार करने के लिए लोग नए वर्ष का इंतजार कर रहे थे जिसके कारण टाइगर का दीदार करने दुधवा पहुंचे।










