काशी विद्यापीठ में भारी बवाल: यूजीसी बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र; बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस से तीखी नोकझोंक, कक्षाएं ठप
वाराणसी: यूजीसी बिल के विरोध में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र सड़क पर उतरे। कक्षाएं ठप कराकर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और आंदोलन तेज करने की चेतावनी। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
वाराणसी: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों और बिल के खिलाफ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में तालाबंदी जैसी स्थिति पैदा कर दी और कक्षाओं को पूरी तरह ठप कराकर विरोध प्रदर्शन किया।

स्वायत्तता और करियर पर खतरे का आरोप: प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रस्तावित यूजीसी बिल उच्च शिक्षा की स्वायत्तता (Autonomy) को खत्म कर देगा। छात्रों ने आशंका जताई कि नए नियमों का सीधा असर उनकी शिक्षा, करियर और शिक्षकों के अधिकारों पर पड़ेगा। नारेबाजी कर रहे छात्रों ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से लगातार संवाद बनाए रखा। हालांकि छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। सिगरा पुलिस ने छात्रों को शांत कराकर दोबारा परिसर की ओर भेजने का प्रयास किया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी: छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। यदि यूजीसी बिल को जल्द वापस नहीं लिया गया, तो पूरे वाराणसी में छात्र संगठनों को लामबंद कर आंदोलन को उग्र किया जाएगा।











