JNU विवाद पर VHP का कड़ा प्रहार: “न्यायपालिका का सम्मान करें, भड़काऊ नारे लगाने वालों को मिले सजा”; यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दी निलंबन की चेतावनी

आदिल अहमद
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई कथित नारेबाज़ी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आधिकारिक बयान जारी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस ‘कायरतापूर्ण’ कृत्य में शामिल छात्रों को विश्वविद्यालय से निलंबित या निष्कासित किया जाएगा।

“जेएनयू की पवित्रता को भद्दे नारों से फिर नष्ट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पाया है कि अभियोजन पक्ष के पास दंगों में शामिल होने के सीधे सबूत हैं। सभी के लिए उचित होगा कि वे ट्रायल का इंतज़ार करें। मुट्ठी भर लोगों द्वारा आधी रात को कैंपस का माहौल खराब करना दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक और कायरतापूर्ण है।”
VHP ने आगे कहा कि चूंकि यूनिवर्सिटी ने एफआईआर दर्ज करा दी है, इसलिए अब इसकी गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का ‘हंटर’: सस्पेंशन और निष्कासन की तैयारी नारेबाज़ी का वीडियो वायरल होने के बाद जेएनयू प्रशासन एक्शन मोड में है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है:
-
इस घटना में शामिल छात्रों की पहचान की जा रही है।
-
दोषी पाए जाने वाले छात्रों को तुरंत सस्पेंड, निष्कासित या स्थायी रूप से बाहर किया जाएगा।
-
प्रशासन ने इसे संस्थान के अनुशासन और सुरक्षा माहौल की जानबूझकर की गई अनदेखी माना है।
क्या था मामला? सोमवार रात दिल्ली दंगा मामले के आरोपियों को जमानत न मिलने के विरोध में जेएनयू के एक समूह ने प्रदर्शन किया था। कथित वीडियो में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ विवादास्पद नारे सुनाई दे रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को पहले ही पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।










