यूपी की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी: 2.89 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए; अब एक पोलिंग स्टेशन पर होंगे अधिकतम 1200 वोटर

आदिल अहमद

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के बाद चुनाव आयोग ने नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में राज्य की मतदाता सूची से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह कदम फर्जी और दोहरे वोटरों की पहचान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बड़ी कवायद का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया:

“प्रदेश के 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 092 वोटरों का गणना प्रपत्र निकाला गया था। पूरी प्रक्रिया और गहन जांच के बाद 2.89 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए हैं।”

एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का टाइमलाइन:

  • शुरुआत: 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ यूपी में यह प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी।
  • गणना चरण: उत्तर प्रदेश में गणना का मुख्य चरण 4 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुआ था।

नए पोलिंग स्टेशन और नियमों में बदलाव: चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पोलिंग स्टेशनों के मानकों में भी बदलाव किया है:

  • वोटर सीमा: अब एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1200 मतदाता ही होंगे। इससे पहले यह संख्या 1500 के करीब थी।
  • नए स्टेशन: वोटरों की संख्या प्रति बूथ कम करने के कारण प्रदेश में कई नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। श्री रिनवा ने बताया कि इसी पुनर्गठन की वजह से पूरी प्रक्रिया में समय लगा।

क्यों हटाए गए नाम? आयोग के मुताबिक, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से दूसरे पते पर शिफ्ट हो गए हैं या जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज थे, उन्हें इस ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। मतदाता अब इस ड्राफ्ट लिस्ट का अवलोकन कर सकते हैं और किसी भी विसंगति पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

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