गणतंत्र दिवस पर ‘प्रोटोकॉल’ का अपमान? मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बिठाने पर भड़की कांग्रेस; खड़गे बोले— “सरकार दे जवाब”

तारिक खान
नई दिल्ली: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह के बाद अब एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने समारोह में विपक्षी नेताओं के बैठने की व्यवस्था (Seating Arrangement) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

“मैं देश का सीनियर मोस्ट लीडर हूँ। मेरे और राहुल गांधी जी के पास कैबिनेट रैंक है, लेकिन इसके बावजूद हमें गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी लाइन में बैठा दिया गया, जहाँ राज्य मंत्री और बच्चे बैठे थे। यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि संविधान और विपक्ष का अपमान है।”
खड़गे ने आगे खुलासा किया कि बैठने की जगह तलाशने के लिए उन्हें अपने सेक्रेटरीज़ को भेजना पड़ा और पास का इंतज़ाम भी उनके ज़रिए ही हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार ने ऐसा क्यों किया और उन्हें इस अपमान का जवाब चाहिए।
राहुल गांधी की सीटिंग पर भी विवाद: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठे नज़र आ रहे हैं, जबकि उनके आगे वाली कतार में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठे थे। कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि कैबिनेट रैंक होने के बावजूद राहुल गांधी को तीसरी लाइन में बैठाना प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है।
सत्ता पक्ष की सफाई और विपक्ष का प्रहार: हालाँकि अभी तक सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार जानबूझकर विपक्ष के कद को कम दिखाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी कार्यक्रमों में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग होती रही है।











