वाराणसी में ‘सियासी हलचल’: कल मणिकर्णिका घाट पहुंचेगा सपा का 11 सदस्यीय डेलिगेशन; अहिल्याबाई मूर्ति विवाद और शंकराचार्य के अपमान पर सरकार को घेरा

अजीत कुमार
वाराणसी: काशी के मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति खंडित किए जाने के आरोपों ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक 11 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल कल, 25 जनवरी 2026 को मणिकर्णिका घाट का दौरा करेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये दिग्गज होंगे शामिल: इस डेलिगेशन में तीन वर्तमान सांसद और कई पूर्व मंत्री शामिल हैं:
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सांसद: वीरेंद्र सिंह (चंदौली), सनातन पांडेय (बलिया), प्रिया सरोज (मछली शहर)।
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अन्य सदस्य: महानगर अध्यक्ष दिलीप डे, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, किशन दीक्षित और पिंटू पाल आदि।
शंकराचार्य विवाद: गंगा में आधा डूबकर ‘जल सत्याग्रह’ दूसरी ओर, प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान से रोके जाने के विरोध में वाराणसी के सामनेघाट पर सपा कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गंगा में आधा डूबकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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कार्यकर्ताओं का आरोप: “जो सरकार खुद को सनातनी बताती है, वही आज देश के सबसे बड़े संतों का अपमान कर रही है। शंकराचार्य को स्नान से रोकना तानाशाही और अधर्म है।”
प्रशासनिक पक्ष: जहाँ विपक्ष इसे आस्था और विरासत पर हमला बता रहा है, वहीं जिला प्रशासन और सरकार का दावा है कि मणिकर्णिका घाट पर कोई मूर्ति नहीं तोड़ी गई है, बल्कि जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो को ‘AI जेनरेटेड’ और भ्रामक करार दिया है।











