दालमंडी चौड़ीकरण: जिलाधिकारी के साथ वार्ता में भड़के दुकानदार; परियोजना को बताया ‘विध्वंसकारी’, बोले— “आजीविका के साथ हमारी विरासत पर भी हमला”

ईदुल अमीन 

वाराणसी: दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को जिला प्रशासन और स्थानीय दुकानदारों के बीच तहसील परिसर में एक महत्वपूर्ण वार्ता संपन्न हुई। जहाँ एक ओर प्रशासन ने चौड़ीकरण के फायदे गिनाए, वहीं दूसरी ओर हजारों की संख्या में पहुंचे व्यापारियों और भवन स्वामियों ने इस पूरी योजना को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘विध्वंसकारी’ करार दिया।

प्रशासन की दलील बनाम व्यापारियों का दर्द: बैठक के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तर्क दिया कि गलियों के चौड़ीकरण से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही भी सुगम होगी। हालाँकि, जिलाधिकारी के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए व्यापारियों ने इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने वाला कदम बताया।

प्रमुख प्रतिक्रियाएं:

  • एडवोकेट नजमी सुल्तान: “यह परियोजना केवल सड़कों का चौड़ीकरण नहीं है, बल्कि यह बनारस की प्राचीन ‘हैरिटेज’ (विरासत) को खत्म करने की साजिश है। पुराने शहर का स्वरूप बिगड़ जाएगा।”

  • फैजी उर्फ बाबू नकाब: “दालमंडी हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का जरिया है। इस परियोजना के कारण हमारी आजीविका और जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाएगा। हम अपनी दुकानों के वजूद से समझौता नहीं करेंगे।”

तहसील परिसर में उमड़ा जनसैलाब: वार्ता के दौरान तहसील परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। हजारों की संख्या में जुटे दुकानदार और भवन स्वामी एकजुट होकर अपनी मांगों पर अड़े रहे। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस पुनर्वास योजना और ‘दुकान के बदले दुकान’ के वादे के, वे एक ईंट भी हिलने नहीं देंगे।

फिलहाल, प्रशासन और व्यापारियों के बीच यह वार्ता बेनतीजा रही है। व्यापारियों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ‘विनाशकारी विकास’ उन्हें मंजूर नहीं है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *