संभल हिंसा में बड़ा मोड़: चर्चित ASP अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश; कोर्ट ने बेटे को गोली मारने की याचिका पर दिया फैसला

निलोफर बानो
संभल/फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई जामा मस्जिद सर्वे हिंसा मामले में अब पुलिस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संभल की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर की अदालत ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का ऐतिहासिक आदेश दिया है।


- अनुज चौधरी: घटना के समय CO संभल (वर्तमान में ASP ग्रामीण, फिरोजाबाद)।
- अनुज तोमर: तत्कालीन कोतवाली प्रभारी (वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक, चंदौसी)।
- 10 अन्य पुलिसकर्मी: जिनमें कई अज्ञात शामिल हैं।
सामाजिक संस्था APCR की पैरवी: इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से सामाजिक संस्था एपीसीआर (APCR) ने कानूनी लड़ाई लड़ी। उनके वकील चौधरी अख्तर हुसैन ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को सुनवाई पूरी हुई और कोर्ट ने पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। हालांकि, लिखित आदेश की कॉपी मिलना अभी बाकी है।
संभल हिंसा का फ्लैशबैक: संभल की जामा मस्जिद को ‘हरिहर मंदिर’ बताने वाली याचिका के बाद 24 नवंबर 2024 को जब एडवोकेट कमिश्नर सर्वे करने पहुँचे, तो इलाके में तनाव फैल गया था।
- हिंसा: पथराव और गोलीबारी में 4 युवकों की मौत हुई थी।
- नुकसान: एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और चर्चित सीओ अनुज चौधरी समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
- कार्रवाई: पुलिस ने अब तक 79 लोगों को गिरफ्तार किया है और सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत कई लोगों पर चार्जशीट दाखिल की है।
विवादों में रहे हैं अनुज चौधरी: एएसपी अनुज चौधरी संभल में अपनी तैनाती के दौरान अपने बयानों को लेकर काफी सुर्खियों में रहे थे। विशेष रूप से उनका “52 जुम्मे होली एक” वाला बयान और सख्त कार्यशैली चर्चा का विषय बनी थी। अब उन पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना है।











