ईरान में ‘महाक्रांति’ की आहट! ट्रंप बोले— “मदद रास्ते में है”, जर्मनी के चांसलर ने की सरकार गिरने की भविष्यवाणी; तिलमिलाया ईरान

ईदुल अमीन
डेस्क: ईरान में दो हफ़्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक युद्ध का रूप ले लिया है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन देते हुए ‘बड़ी मदद’ का वादा किया है, वहीं जर्मनी ने ईरान की सत्ता के अंत की भविष्यवाणी कर दी है। इन बयानों से भड़के ईरान ने पश्चिमी देशों पर ‘दोहरे मापदंड’ का आरोप लगाया है।

“ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो! अपनी संस्थाओं पर क़ब्ज़ा करो। उन क़ातिलों के नाम सुरक्षित रखो, उन्हें इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी। जब तक बेगुनाहों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। मदद रास्ते में है।”
ट्रंप के इस बयान को ईरान में सीधे अमेरिकी हस्तक्षेप के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जर्मनी की ‘भविष्यवाणी’ और ईरान का गुस्सा: जर्मनी के चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ ने भी तेहरान की सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बेंगलुरु (भारत) में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान की सरकार अब अपने ‘आख़िरी दिन और हफ़्तों’ को गिन रही है।
जर्मन चांसलर के इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पलटवार करते हुए कहा: “मानवाधिकारों पर बात करने के लिए जर्मनी दुनिया का सबसे खराब देश है। गाजा में हजारों फिलिस्तीनियों की हत्या पर जर्मनी के दोहरे मापदंडों ने उसकी सारी साख खत्म कर दी है। वे हम पर एक एहसान करें और थोड़ी शर्म करें।”
ईरान में मौत का तांडव (Latest Ground Report): ईरान में हालात बेहद विस्फोटक बने हुए हैं। ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक:
- मौत का आँकड़ा: विभिन्न मानवाधिकार संगठनों (HRANA और IHR) के अनुसार, हिंसा में अब तक 2,000 से 6,000 लोगों के मारे जाने की आशंका है।
- पहली फांसी: 14 जनवरी (बुधवार) को ईरानी सरकार 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफ़ान सुल्तानी को फांसी देने की तैयारी में है। यह मौजूदा आंदोलन की पहली आधिकारिक फांसी होगी।
- अमेरिकी एडवाइजरी: बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने अपने सभी नागरिकों को ‘तुरंत ईरान छोड़ने’ का आदेश दिया है।
जहाँ एक तरफ ट्रंप ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाकर आर्थिक चोट दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य विकल्पों पर चर्चा के लिए व्हाइट हाउस में बैठकों का दौर जारी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन “जंग” से भी उसे परहेज नहीं है।










