ट्रंप का नया दावा: “पीएम मोदी ने मुझसे पूछा— ‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूँ?’ “; बोले— टैरिफ की वजह से मुझसे ज़्यादा खुश नहीं हैं मोदी

निलोफर बानो
डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों और भारत पर लगाए गए टैरिफ (Tariffs) को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं। वॉशिंगटन डीसी में हाउस रिपब्लिकन पार्टी (GOP) के सदस्यों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि पीएम मोदी ने उनसे मिलने का समय मांगते हुए बेहद सम्मानजनक लहजे का इस्तेमाल किया था।

“प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए थे और उन्होंने कहा था, ‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूँ?’ मैंने कहा— हाँ। मेरे उनके साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन वे मुझसे ज़्यादा खुश नहीं हैं।”
टैरिफ और रूसी तेल पर तकरार: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी की इस नाखुशी की मुख्य वजह भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले सामानों पर कुल 50% टैरिफ लगा दिया है। इसमें से 25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) है, जबकि बाकी 25% भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के दंड स्वरूप लगाया गया है।
ट्रंप ने आगे कहा:
“भारत अब काफी टैरिफ दे रहा है। हालांकि, उन्होंने अब रूस से तेल का आयात काफी हद तक कम कर दिया है, लेकिन फिर भी वे मौजूदा स्थिति से खुश नहीं हैं।”
अपाचे हेलीकॉप्टर और रक्षा सौदे: भाषण के दौरान ट्रंप ने रक्षा सौदों में हो रही देरी का भी ज़िक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टर ऑर्डर किए थे और वे 5 साल से इसका इंतज़ार कर रहे थे। ट्रंप ने कहा, “हम इसे बदल रहे हैं, हम इसमें तेजी ला रहे हैं।” (नोट: हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का कुल ऑर्डर 28 हेलीकॉप्टरों का था, जिनमें से अधिकांश की डिलीवरी हो चुकी है।)
राजनीतिक मायने: ट्रंप के इस बयान को भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर भारत रूस के साथ अपने ऊर्जा संबंधों को पूरी तरह खत्म नहीं करता, तो टैरिफ और बढ़ाए जा सकते हैं। दूसरी ओर, भारतीय अधिकारियों ने पहले भी ट्रंप के उन दावों को खारिज किया था जिनमें कहा गया था कि मोदी ने रूसी तेल न खरीदने का वादा किया है।









