बिग ब्रेकिंग वाराणसी: दालमंडी की गलियों में गूँजा विरोध, अनिश्चितकालीन बंदी का ऐलान; सीजेआई के ‘सुप्रीम’ दौरे के बीच दुकानदारों ने भवनों पर टांगे हाईकोर्ट के आदेश का बैनर

तारिक आज़मी

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र दालमंडी में आज सन्नाटा पसरा रहा। प्रशासन द्वारा प्रस्तावित गली चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारियों ने ‘अनिश्चितकालीन बंदी’ का बिगुल फूंक दिया है। चौक से लेकर नई सड़क तक की एक भी दुकान आज नहीं खुली, जिससे करोड़ों रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है।

मुआवजे की पेचमें फंसे दुकानदार: दालमंडी के व्यापारियों का मुख्य विरोध मुआवजे के वितरण को लेकर है। दुकानदारों का आरोप है कि:

  • प्रशासन केवल भू-स्वामियों (Landowners) के लिए मुआवजा तय कर रहा है।
  • जबकि यहाँ हज़ारो ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने दशकों पहले भारी भरकम ‘पगड़ी’ या ऊंची दरों पर दुकानें खरीदी थीं।
  • व्यापारियों का कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह इन दुकानों पर निर्भर है, लेकिन प्रशासन उनके पुनर्वास या मुआवजे के लिए कोई ठोस योजना पेश नहीं कर रहा है।

सीजेआई (CJI) के दौरे के बीच बैनर: आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) वाराणसी के दौरे पर हैं। जैसे ही शाम ढली, दालमंडी की गली के अधिकांश भवनों पर बड़े-बड़े बैनर नजर आने लगे। इन बैनरों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिया गया स्थगन आदेश (Stay Order) छपा हुआ है। व्यापारियों ने यह कदम मुख्य न्यायाधीश का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचने के लिए उठाया है।

व्यापारियों की हुंकार: व्यापारी का कहना है कि जब तक प्रशासन दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक दालमंडी का बाजार नहीं खुलेगा। मौके पर व्यापारियों का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।

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