राजस्थान: “मोदी को गाली देने वालों को हक नहीं”, पूर्व BJP सांसद ने मुस्लिम महिलाओं से वापस लिए कंबल; वीडियो वायरल होने पर मचा बवाल

राजस्थान में गरमाई सियासत! पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने मुस्लिम महिलाओं से वापस लिए कंबल। कहा— "जो मोदी को गाली दे, उसे हक नहीं।" कांग्रेस ने बताया 'विचारों की दरिद्रता'। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

तारिक आज़मी 

जयपुर/टोंक: राजस्थान के पूर्व भाजपा सांसद और विधायक सुखबीर सिंह जौनापुरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जौनापुरिया एक कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं को कंबल देने से इनकार करते और उन्हें दिए गए कंबल वापस छीनते नज़र आ रहे हैं। इस घटना ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है।

नाम पूछते ही बदला रवैया खबरों के मुताबिक, यह घटना रविवार (22 फरवरी) की है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जौनापुरिया कंबल बांट रहे हैं, लेकिन अचानक वे महिलाओं के नाम पूछने लगते हैं। जैसे ही उन्हें पता चलता है कि महिलाएं मुस्लिम समुदाय से हैं, उनका लहजा बदल जाता है। वे कहते सुनाई दे रहे हैं:

“मेरी बात सुनो, जो लोग मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का कोई अधिकार नहीं है। अगर आपको बुरा लग रहा है तो मैं कुछ नहीं कर सकता।”

पीड़ित महिलाओं का आरोप: “सार्वजनिक रूप से किया अपमानित” कंबल लेने पहुंची सुकरन खान नामक महिला ने बताया कि भाजपा नेता मुस्लिम नाम सुनकर आहत हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टाफ ने नाम पूछा और मुस्लिम होने की पहचान होते ही उनसे कंबल वापस ले लिए गए और उन्हें वहां से हटने को कहा गया। महिलाओं का कहना है कि इस व्यवहार से उन्हें भारी अपमान महसूस हुआ है।

जौनापुरिया की सफाई: “मेरा व्यक्तिगत कार्यक्रम, सरकारी नहीं” विवाद बढ़ने पर सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने अपने रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कोई सरकारी योजना नहीं थी, बल्कि उनका निजी कार्यक्रम था। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि इस मामले को तूल देने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वे अपने व्यक्तिगत संसाधनों से वितरण कर रहे थे।

बीजेपी और कांग्रेस में ‘जुबानी जंग’

  • कांग्रेस का प्रहार: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे एक पूर्व जनप्रतिनिधि के लिए अशोभनीय आचरण बताया। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “एक गरीब महिला को बेइज्जत कर कंबल वापस लेना विचारों की दरिद्रता है।” सांसद हरीश चंद्र मीणा ने भी घटना का पूरा वीडियो शेयर कर भाजपा को घेरा।
  • बीजेपी का बचाव: हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य जौनापुरिया के समर्थन में उतरे। उन्होंने कहा कि यह हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है। कोई भी पार्टी कार्यकर्ता अपने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द बर्दाश्त नहीं करेगा। यह आचरण और विचारधारा का विषय है।

यूथ कांग्रेस ने बांटे कंबल मामला बढ़ने के बाद देर रात यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता पीड़ित महिलाओं के गांव पहुंचे और उन्हें कंबल वितरित किए। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि क्या एक निजी कार्यक्रम में भी इस तरह का भेदभाव जायज़ है?

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