‘एपस्टीन फाइल्स’ से मकाओ और मक्का तक हड़कंप: क्या काबा का पवित्र गिलाफ ‘किसवा’ सज़ायाफ़्ता अपराधी जेफरी एपस्टीन के ‘अय्याशी के द्वीप’ तक पहुँचा था?

दुनियाभर के मुसलमानों में भारी आक्रोश! 'एपस्टीन फाइल्स' से हुआ बड़ा खुलासा— इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल काबा का गिलाफ (किसवा) भेजा गया था यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के पास। ईमेल और तस्वीरों ने खड़े किए सऊदी कनेक्शन पर सवाल।

तारिक आज़मी

वॉशिंगटन/मक्का: अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी की गई ‘एपस्टीन फाइल्स’ की ताजा किस्त ने पूरी मुस्लिम दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इन दस्तावेजों से संकेत मिलते हैं कि इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल ‘काबा’ को ढंकने वाले गिलाफ (किसवा) के कई टुकड़े कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को भेजे गए थे। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर मुसलमानों का गुस्सा फूट पड़ा है।

क्या है दस्तावेजों में? 30 जनवरी 2026 को जारी ईमेल रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2017 में एपस्टीन के स्टाफ और ‘अजीज अल-अहमदी’ नाम के एक व्यक्ति के बीच बातचीत हुई थी।

  • तीन टुकड़ों की खेप: ईमेल में ‘किसवा’ के तीन टुकड़ों (एक हरा, एक काला और एक कढ़ाई वाला) की डिलीवरी का जिक्र है।
  • झूठा डिक्लेरेशन: 14 मार्च 2017 के अमेरिकी कस्टम फॉर्म पर इन पवित्र टुकड़ों को ‘पेंटिंग्स और ड्रॉइंग्स’ बताकर एपस्टीन के पाम बीच स्थित घर और फिर उसके निजी द्वीप ‘लिटिल सेंट जेम्स’ भेजा गया था।

पवित्रता का अपमान: “फर्श पर बिछाया गया किसवा” सोशल मीडिया पर वायरल 2014 की एक तस्वीर में एपस्टीन को एक अज्ञात व्यक्ति के साथ जमीन पर पड़े एक कपड़े का मुआयना करते देखा जा सकता है। यूजर्स का दावा है कि यह काबा के दरवाजे का ‘सजावटी हिस्सा’ है। एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने नाराजगी जताते हुए लिखा— “ज़रा सोचिए, दुनिया की सबसे पवित्र जगह का हिस्सा सबसे गंदी जगह (एपस्टीन का द्वीप) पर भेजा गया और उसे कालीन की तरह फर्श पर बिछाया गया।”

सऊदी कनेक्शन और रसूख के सवाल दस्तावेजों में ‘HE रफ़त’ (HE Raafat) और ‘अहमदी’ जैसे नामों का जिक्र है। रफ़त अल-सिबाग को सऊदी शाही दरबार का सलाहकार बताया गया है। ईमेल्स से पता चलता है कि:

  1. अरामको की सलाह: एपस्टीन ने अहमदी के जरिए सऊदी तेल कंपनी ‘अरामको’ की लिस्टिंग न करने जैसी रणनीतिक सलाह दी थी।
  2. अनैतिक बातचीत: एक ईमेल में सिबाग ने एपस्टीन को एक रूसी लड़की द्वारा अपनी ‘वर्जिनिटी’ बेचने की खबर भेजी, जिस पर एपस्टीन ने जवाब दिया— “आख़िरकार आपने मुझे कुछ क़ीमती चीज़ भेजी।”

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? हज मामलों के लेखक अहमद अल-हलाबी के अनुसार, किसवा का ‘बेल्ट’ वाला हिस्सा केवल सऊदी रॉयल कोर्ट ही किसी राष्ट्राध्यक्ष को तोहफे में दे सकता है। वहीं, इतिहासकार डॉ. साइमन ओमीरा कहते हैं कि भले ही किसवा ‘धार्मिक रूप से ईश्वर’ नहीं है, लेकिन इसका बहुत सम्मान है और इसे जमीन पर रखना या बेअदबी करना अक्षम्य है।

सऊदी अरब की चुप्पी अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि एपस्टीन को मिले ये टुकड़े असली थे या नकली, और क्या वे उसे तोहफे में मिले थे। सऊदी अधिकारियों ने अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन ‘पीडोफाइल’ एपस्टीन के साथ काबा के गिलाफ का नाम जुड़ने से वैश्विक मुस्लिम समुदाय में निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

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