फरीदाबाद: कबाड़ में मिले 15 लाख के गहने, कबाड़ी हाजी अख्तर खान ने 4 महीने बाद ढूंढकर मालिक को लौटाई ‘अमानत’
इंसानियत की मिसाल! फरीदाबाद में कबाड़ी हाजी अख्तर खान ने ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश की। कबाड़ में मिले 15 लाख के गहने असली मालिक को लौटाए। एसीपी की मौजूदगी में हुआ सम्मान। पढ़ें पूरी खबर।

निलोफर बानो
फरीदाबाद/वाराणसी: आज के दौर में जहाँ चंद रुपयों के लिए लोग ईमान डगमगा देते हैं, वहीं फरीदाबाद से ईमानदारी की एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसने समाज में आपसी भरोसे को नई मजबूती दी है। एक कबाड़ व्यापारी हाजी अख्तर खान ने 15 लाख रुपये कीमत के सोने के गहने वापस कर यह साबित कर दिया कि ईमानदारी किसी धर्म की मोहताज नहीं होती।

दिवाली पूजन पर टूटा पहाड़ परिवार को इस बड़ी गलती का एहसास तब हुआ जब दिवाली पूजन के लिए गहने ढूंढे गए। गहने न मिलने पर पूरे घर में मातम छा गया। अशोक शर्मा ने तुरंत उस कबाड़ी से संपर्क किया जिसे सामान बेचा गया था।
हाजी अख्तर खान की ईमानदारी: 4 महीने की तलाश कबाड़ी हाजी अख्तर खान ने जब यह सुना, तो उन्होंने अशोक शर्मा को भरोसा दिलाया। उन्होंने अपने विशाल गोदाम में मलबे और कबाड़ के बीच उस छोटे से डिब्बे की तलाश शुरू की। करीब चार महीने की कड़ी मेहनत और खोजबीन के बाद, आखिरकार वह डिब्बा मिल गया जिसमें लाखों के गहने सुरक्षित थे।
पुलिस की मौजूदगी में सम्मान अख्तर खान ने तुरंत परिवार को सूचना दी और एसीपी सिटी जितेश मल्होत्रा की मौजूदगी में गहने वापस किए। इस मौके पर एसीपी ने कहा:
“हाजी अख्तर खान ने जो ईमानदारी दिखाई है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। ऐसे उदाहरण इंसानी विश्वास को और भी मजबूत करते हैं।”
जज्बातों का सैलाब गहने पाकर भावुक हुए अशोक शर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि यह सब कभी वापस मिलेगा। वहीं, अख्तर खान ने बड़ी सादगी से कहा, “यह किसी की अमानत थी, उसे लौटाना मेरा फर्ज था। ईमानदारी से बढ़कर कुछ भी नहीं।”











