दिल्ली में ‘सिस्टम’ का जानलेवा गड्ढा: जनकपुरी में युवक की मौत पर सियासी कोहराम; राहुल-केजरीवाल बोले— “यह हादसा नहीं, सरकार द्वारा की गई हत्या है”

दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के गड्ढे ने ली युवक की जान! राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने कहा- "यह हादसा नहीं, हत्या है।" नोएडा के बाद दिल्ली में भी सिस्टम की लापरवाही से मातम। दिल्ली सरकार ने दिए उच्च-स्तरीय जांच के आदेश।

मो0 सलीम 

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गड्ढे में गिरने से कमल ध्यानी नाम के युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने नोएडा में हुए पिछले हादसे की यादें ताजा कर दी हैं और अब इस पर दिल्ली की राजनीति पूरी तरह सुलग उठी है।

“परसों तक वहां गड्ढा नहीं था”: बिलखते पिता का आरोप मृतक कमल के पिता ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए दिल्ली जल बोर्ड और प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “सब प्रशासन की गलती है। परसों तक वहां कोई गड्ढा नहीं था। जब गड्ढा खोदा गया तो मेरे बेटे को पता नहीं था और वह उसमें गिर गया। यह खुली लापरवाही है।”

दोस्त की दास्तां: “रात 11:53 पर हुई थी आखिरी बात” कमल के दोस्त ने बताया कि रात 11:53 पर कमल ने फोन कर कहा था कि वह 15 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब वह एक घंटे तक नहीं आया, तो तलाश शुरू हुई। आरोप है कि पुलिस ने तुरंत शिकायत लिखने के बजाय सुबह 11 बजे आने को कहा, जिससे कीमती समय बर्बाद हुआ।

विपक्ष का हमला: “असली कातिल गैर-जिम्मेदार सत्ता है” इस हादसे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘हत्या’ करार दिया। राहुल ने लिखा:

“यह हादसा नहीं, हत्या है— और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता। इंदौर का जहरीला पानी, नोएडा में युवराज की जान लेने वाली सड़क, गिरते पुल और टकराती ट्रेनें… यहां न इस्तीफा होता है, न सजा मिलती है।”

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी बीजेपी सरकारों (नोएडा का जिक्र करते हुए) और सिस्टम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोएडा की घटना से भी सबक नहीं लिया गया और घोर लापरवाही अब सिस्टम की पहचान बन चुकी है।

दिल्ली कांग्रेस ने उठाए सवाल: “कहाँ था बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड?” दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने जल बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि गड्ढा खोदने के बाद न तो उसे कवर किया गया, न बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच यह ‘नाकारा सिस्टम’ आम लोगों की जान ले रहा है।

सरकार का पक्ष: उच्च-स्तरीय जांच के आदेश मामला बढ़ता देख दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस दुखद हादसे को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया:

  • दिल्ली जल बोर्ड ने एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
  • समिति को तुरंत साइट का निरीक्षण करने और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • जहाँ भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *