नशीले कफ सिरप तस्करी काण्ड के मुख्य “भगौडा आरोपी शुभम जायसवाल” का राइट हैंड “इनामिया” अमित जायसवाल अपने 4 अन्य साथियो सहित चढ़ा पुलिस के हत्थे, गिरफ्तार 5 मे 3 पर घोषित है इनाम

वाराणसी: 40 करोड़ के कफ सिरप तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, 25-25 हजार के तीन इनामी समेत 5 गिरफ्तार

तारिक़ आज़मी

वाराणसी। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ वाराणसी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कोतवाली पुलिस और एसआईटी (SIT) की संयुक्त टीम ने कोडीन युक्त ‘न्यू फेंसाडिल’ कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 5 प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में तीन बदमाश 25-25 हजार रुपये के इनामी अपराधी हैं।

फर्जी फर्म और हवाला के जरिए 40 करोड़ का काला खेल

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस गिरोह ने फर्जी जीएसटी इनवॉइस और कूटरचित ई-वे बिल के माध्यम से झारखंड की ‘शैली ट्रेडर्स’ के जरिए भारी मात्रा में नशीली सिरप की तस्करी की। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अब तक करीब 25 लाख बोतलों की तस्करी की है, जिससे हवाला के जरिए लगभग 40 करोड़ रुपये का अवैध धन अर्जित किया गया। इसमें से गिरोह को सीधे तौर पर 8 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ।

सिंडिकेट का संचालन और मॉडस ऑपरेंडी

गिरफ्तार अभियुक्तों के अनुसार, तस्करी का यह पूरा जाल शुभम जायसवाल, प्रशांत उपाध्याय और मनोज यादव जैसे मुख्य सरगनाओं द्वारा संचालित किया जा रहा था। गिरोह की बैठकें वाराणसी के के.बी.एन. प्लाजा में होती थीं, जहाँ पैसे के लेन-देन, बैंक जमा और फर्मों के संचालन की रणनीति बनाई जाती थी। गिरोह ने अन्य लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी मेडिकल फर्में खुलवाई थीं, जिनके जरिए माल पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा जैसे राज्यों में खपाया जाता था।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

एसआईटी टीम ने भोरसर लिंक रोड, मिर्जापुर बाईपास से निम्नलिखित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया:

  • ​अमित जायसवाल (25,000/- इनामी) – सिगरा, वाराणसी।
  • दिवेश जायसवाल (25,000/- इनामी) – भेलूपुर, वाराणसी।
  • अंकुश सिंह (25,000/- इनामी) – रामपुर/भेलूपुर।
  • अभिनव कुमार यादव – भेलूपुर, वाराणसी।
  • ​घनश्याम मौर्य – भेलूपुर, वाराणसी।

बरामदगी: इनके पास से 46 अदद विदेशी मुद्रा और एक आईफोन बरामद किया गया है।​

कानूनी कार्रवाई

इन सभी के विरुद्ध थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 235/2025 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और NDPS एक्ट की धारा 8/21/29/26डी के तहत मामला दर्ज है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य फरार सदस्यों और हवाला नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

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