‘अदृश्य सेना का डिजिटल हमला’: AI बॉट स्वार्म्स के ज़रिए भारत में नफरत फैला रहे विदेशी मुल्क; पहचानना हुआ नामुमकिन, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
सावधान! आपकी स्क्रीन पर दिखने वाली 'जनता की राय' असली नहीं, बल्कि विदेशी बॉट आर्मी का प्रोपेगेंडा हो सकती है। AI जनित 'बॉट स्वार्म्स' कैसे भारत के सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा को निशाना बना रहे हैं? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

मो0 कुमेल
PNN24 News: मध्य-पूर्व में चल रही मिसाइलों की जंग के बीच भारत एक अलग तरह के युद्ध का सामना कर रहा है— ‘कॉग्निटिव वॉरफेयर’ (Cognitive Warfare)। विदेशी ताकतों ने भारत के डिजिटल स्पेस में ‘बॉट आर्मी’ (Bot Army) उतार दी है, जिसका एकमात्र उद्देश्य भारत में ध्रुवीकरण बढ़ाना और सार्वजनिक व्यवस्था को अस्थिर करना है।
1. क्या है ‘AI बॉट स्वार्म्स’ (Bot Swarms)?
2026 में तकनीक इतनी उन्नत हो गई है कि अब बॉट्स को पहचानना लगभग असंभव है।
- इंसानी व्यवहार की नकल: ये बॉट केवल मैसेज फॉरवर्ड नहीं करते, बल्कि इंसानों की तरह ‘स्लैंग’ (Slang) का इस्तेमाल करते हैं, अनियमित समय पर पोस्ट करते हैं और चर्चाओं में तर्क देते हैं।
- स्केल: एक साथ लाखों की संख्या में ये बॉट किसी भी फर्जी खबर को मिनटों में ‘ट्रेंड’ करा देते हैं। विशेषज्ञों ने इसे ‘AI-पोकलिप्स’ (AI-pocalypse) का नाम दिया है।
2. भारत को क्यों बनाया जा रहा है निशाना?
साइबर सुरक्षा फर्म CloudSEK की मार्च 2026 की एडवाइजरी के अनुसार, भारत इस वक्त ‘सेकंड-ऑर्डर’ प्रभावित देश है:
- राजनयिक स्थिति: भारत की इज़राइल और ईरान दोनों के साथ दोस्ती कई देशों को खटक रही है।
- हैकटिविस्ट गठबंधन: पाकिस्तान, इंडोनेशिया और तुर्की से जुड़े 150 से अधिक हैकटिविस्ट समूह भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल मीडिया पर ‘प्रो-पैलेस्टाइन’ या ‘प्रो-ईरान’ नैरेटिव के ज़रिए तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
3. कैसे काम करती है यह ‘बॉट आर्मी’?
- फेक नैरेटिव: जैसे ही खाड़ी में कोई हमला होता है, ये बॉट भारत के किसी पुराने दंगे के वीडियो को उससे जोड़कर ‘प्रतिशोध’ के आह्वान के साथ फैलाना शुरू कर देते हैं।
- सेंटीमेंट मैनिपुलेशन: ये बॉट धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले पोस्ट पर हज़ारों ‘लाइक’ और ‘कमेंट’ करते हैं, जिससे सामान्य भारतीय यूजर को लगता है कि यही बहुमत की राय है।
4. साइबर सेल और इंटेलिजेंस का ‘काउंटर-प्लान’
भारत सरकार ने इस डिजिटल खतरे से निपटने के लिए ‘स्वार्म स्कैनर्स’ (Swarm Scanners) तैनात किए हैं:
- पहचान: एआई टूल अब उन अकाउंट्स को ट्रैक कर रहे हैं जो एक ही समय में एक जैसे नैरेटिव फैला रहे हैं।
- कार्रवाई: विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर हज़ारों संदिग्ध विदेशी अकाउंट्स को भारतीय आईपी (IP) एड्रेस से ब्लॉक किया गया है।
5. आम नागरिकों के लिए ‘डिजिटल सुरक्षा’ मंत्र
- एल्गोरिदम का शिकार न बनें: यदि कोई पोस्ट आपको बहुत ज़्यादा गुस्सा या नफरत महसूस कराए, तो समझ लें कि वह आपको ‘ट्रिगर’ करने के लिए बनाई गई है।
- क्रेडेंशियल रोटेशन: साइबर हमलों के खतरे को देखते हुए अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग पासवर्ड तुरंत बदलें (CloudSEK की सलाह)।
📊 बॉट हमलों का विश्लेषण (2026 आंकड़े)
| हमलावर स्रोत | मुख्य नैरेटिव | प्रभाव क्षेत्र |
| विदेशी बॉट फार्म्स | सांप्रदायिक दंगे भड़काना | सोशल मीडिया (X, FB) |
| हैकटिविस्ट ग्रुप्स | सरकारी वेबसाइटों पर DDoS हमले | डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर |
| AI डीपफेक | भारतीय नेताओं के फर्जी बयान | राजनीतिक स्थिरता |











