‘सीमा पार युद्ध, भारत में अफवाहों पर पहरा’: मिडिल ईस्ट जंग की आड़ में नफरत फैलाने वालों पर एक्शन शुरू; सांसद से लेकर यूट्यूबर तक साइबर सेल के रडार पर
भारत में 'डिजिटल स्ट्राइक'! मध्य-पूर्व युद्ध की आड़ में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर साइबर सेल का शिकंजा। श्रीनगर सांसद पर केस दर्ज, यूपी एटीएस की पैनी नज़र और विदेश मंत्रालय का 'फैक्ट-चेक' अभियान।

मो0 सलीम
PNN24 News: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी महायुद्ध की लपटें अब भारत के डिजिटल स्पेस को झुलसा रही हैं। भारत सरकार और विभिन्न राज्यों की साइबर सेल ने उन तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है जो युद्ध के बहाने भारत में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
1. जम्मू-कश्मीर: सांसद और पूर्व मेयर पर बड़ी कार्रवाई
श्रीनगर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है:
- मामला दर्ज: नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और पूर्व मेयर जुनैद अज़ीम मट्टू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर (02/2026 और 03/2026) दर्ज की गई है।
- आरोप: इन पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत और युद्ध को लेकर ‘भ्रामक और उत्तेजक’ जानकारी साझा करने का आरोप है, जिससे सार्वजनिक अशांति फैलने का खतरा था।
2. उत्तर प्रदेश: फेक क्राउडफंडिंग और एटीएस (ATS) की सक्रियता
यूपी पुलिस की साइबर सेल और एटीएस ने युद्ध के नाम पर चल रहे ‘आर्थिक धोखाधड़ी’ के जाल का पर्दाफाश किया है:
- फर्जी चंदा: सोशल मीडिया पर युद्ध पीड़ितों (जैसे गाजा या ईरान) के नाम पर फर्जी ‘क्राउडफंडिंग’ चलाने वाले गिरोहों पर नज़र रखी जा रही है। हाल ही में महाराष्ट्र से जुड़े कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है जो भावुक वीडियो दिखाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: यूपी पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी धार्मिक स्थल या समुदाय विशेष को लेकर युद्ध से जुड़ी अपमानजनक टिप्पणी करने पर तुरंत एनएसए (NSA) जैसी कार्रवाई हो सकती है।
3. विदेश मंत्रालय (MEA) का ‘फैक्ट-चेक’ अभियान
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रही उन अफवाहों का खंडन किया है जो भारत को सीधे युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रही थीं:
- बंदरगाहों का विवाद: अमेरिकी चैनल OAN पर किए गए दावे कि “अमेरिका भारत के बंदरगाहों का उपयोग ईरान पर हमले के लिए कर रहा है”, को MEA ने पूरी तरह फर्जी (Fake and False) करार दिया।
- अधिकारिता: मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी तटस्थता और शांति की नीति पर कायम है।
4. साइबर सुरक्षा फर्मों (CloudSEK & DSCI) की चेतावनी
डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) के अनुसार, फरवरी-मार्च 2026 में भारत पर ‘हैक्टिविस्ट’ (Hacktivist) हमलों में 700% की वृद्धि हुई है। ईरानी और अन्य विदेशी हैकर्स भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल भारत में आंतरिक अशांति फैलाने के लिए किया जा सकता है।
🛡️ नागरिकों के लिए ‘सुरक्षा अलर्ट’ (Advisory)
- वीडियो साझा न करें: युद्ध के ऐसे वीडियो जिनमें धार्मिक नारे या विशेष समुदाय को निशाना बनाया गया हो, उन्हें फॉरवर्ड न करें।
- चंदे से बचें: बिना किसी रजिस्टर्ड संस्था (जैसे रेड क्रॉस) के, सोशल मीडिया लिंक के ज़रिए युद्ध पीड़ितों को पैसा न भेजें।
- हेल्पलाइन 1930: यदि आपको कोई भ्रामक या सांप्रदायिक संदेश मिले, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या
cybercrime.gov.inपर रिपोर्ट करें।










