‘तेल बाज़ार में भूचाल’: ख़ामेनेई की शहादत के बाद ब्रेंट क्रूड 12% उछला; होर्मुज की घेराबंदी से 100 डॉलर की ओर बढ़ रही कीमतें!
तेल बाज़ार में 'ब्लैक मंडे': ख़ामेनेई की शहादत और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बाद ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर के पार। दुनिया भर में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ने की आशंका। भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर।

ईदुल अमीन
PNN24 News: मध्य-पूर्व में अमेरिका और इज़राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत और सैन्य नेतृत्व के खात्मे ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में हड़कंप मचा दिया है। सोमवार सुबह जैसे ही एशियाई बाज़ार खुले, तेल की कीमतों में वैसी ही तेज़ी देखी गई जैसी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के समय देखी गई थी।
1. कीमतों में ऐतिहासिक उछाल
सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड और नायमेक्स लाइट स्वीट ऑयल में शुरुआती कारोबार के दौरान 12 फ़ीसदी तक की बढ़त देखी गई।
- ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): कीमत 82.37 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि दोपहर तक यह 79.30 डॉलर के आसपास स्थिर हुई।
- नायमेक्स (WTI): इसमें 8.5% की बढ़त रही और यह 72.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
2. ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ बना सबसे बड़ा डर
दुनिया का 20% कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुज़रता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की खबरों ने निवेशकों को डरा दिया है।
- शिपिंग का हाल: रॉयटर्स के मुताबिक, लगभग 150 तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों ने हमले के डर से समुद्र के बीच में ही लंगर डाल दिया है।
- विशेषज्ञों की चेतावनी: गोल्डमैन सैक्स और बार्कलेज जैसे विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महीने तक बंद रहता है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर से 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर सकती हैं।
3. भारत पर असर: अर्थव्यवस्था की चुनौती
भारत अपनी ज़रूरत का 85-90% तेल आयात करता है।
- बढ़ता बोझ: जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल में हर 1 डॉलर की बढ़त भारत के आयात बिल को सालाना 2 अरब डॉलर तक बढ़ा देती है।
- महंगाई: यदि कीमतें इसी स्तर पर रहीं, तो भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 5 से 8 रुपये तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है, जिससे घरेलू महंगाई बढ़ सकती है।
4. OPEC+ की आपात प्रतिक्रिया
सऊदी अरब और रूस सहित OPEC+ देशों ने बाज़ार को शांत करने के लिए रोज़ाना 2,06,000 बैरल अतिरिक्त तेल उत्पादन का फैसला लिया है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जब तक होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित नहीं होती, तब तक उत्पादन बढ़ाने का असर कीमतों पर कम ही पड़ेगा।
📊 बाज़ार का ताज़ा हाल (2 मार्च, 2026)
| तेल का प्रकार | नई कीमत (लगभग) | बढ़त (%) |
| ब्रेंट क्रूड | $79.30 | +9.0% |
| WTI (नायमेक्स) | $72.70 | +8.5% |
| नेचुरल गैस | (यूरोप में) | +20% |










