‘ज्ञानवापी में रोज़ा इफ़्तार के दौरान तनाव की कोशिश’; मस्जिद में घुस कर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला संदिग्ध ‘डॉ. कुमार’ गिरफ्तार, नमाजियों ने सूझबूझ से पुलिस को सौंपा
वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद में रोज़ा इफ़्तार के दौरान हंगामा। बेंगलुरु से आए 'डॉ. कुमार' नामक संदिग्ध ने की भड़काऊ बयानबाज़ी। मस्जिद कमेटी ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश नाकाम।

ईदुल अमीन
वाराणसी (PNN24 News): धर्मनगरी काशी की ऐतिहासिक ज्ञानवापी मस्जिद में शुक्रवार को रोज़ा इफ़्तार के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक संदिग्ध व्यक्ति ने मस्जिद परिसर में दाखिल होकर भड़काऊ और आपत्तिजनक बयानबाज़ी शुरू कर दी। हालांकि, मस्जिद कमेटी और नमाजियों ने धैर्य का परिचय देते हुए उक्त व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
1. इफ़्तार के समय हुई घटना
हर साल की तरह आज भी ज्ञानवापी मस्जिद में रोज़ा इफ़्तार का आयोजन किया गया था। इफ़्तार मुकम्मल होने के बाद जब रोजदार वहां मौजूद थे, तभी एक संदिग्ध व्यक्ति मस्जिद के वज़ूखाने के पास पहुँच गया। चश्मदीदों के मुताबिक, वह व्यक्ति ज़ोर-ज़ोर से मुस्लिम समाज और मस्जिद के खिलाफ भड़काऊ और विवादित बातें करने लगा।
2. बेंगलुरु का रहने वाला है संदिग्ध
नमाजियों ने जब उस व्यक्ति को पकड़ा और पूछताछ की, तो उसने अपना नाम डॉ. कुमार बताया और खुद को बेंगलुरु का निवासी बताया। नमाजियों का आरोप है कि उसने मस्जिद को नुकसान पहुँचाने जैसे आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की कोशिश की, ताकि वहां मौजूद लोग उत्तेजित हो जाएं।
3. अंजुमन इन्तेज़ामिया मसाजिद कमेटी की प्रतिक्रिया
मस्जिद की देखरेख करने वाली संस्था ‘अंजुमन इन्तेज़ामिया मसाजिद कमेटी’ ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है।
- मुंशी एजाज़: कमेटी के मुंशी एजाज़ ने बताया कि उस खुराफाती शख्स को पकड़ने के बाद पूरी तरह पुरसुकून (शांतिपूर्ण) तरीके से पुलिस को सौंप दिया गया ताकि कानून अपना काम करे।
- एसएम यासीन: कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा, “ऐसी हरकतों के ज़रिए मुस्लिम समाज को भड़काने की कोशिश कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह काशी के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश लगती है।”
4. पुलिसिया कार्रवाई
सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची वाराणसी पुलिस ने संदिग्ध डॉ. कुमार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि उसके वाराणसी आने और मस्जिद में घुसकर बयानबाज़ी करने का असली मकसद क्या था।












