‘ईरान किसी एक शख्स का मोहताज नहीं’: खामनेई की शहादत पर विदेश मंत्रालय का दोटूक जवाब; प्रवक्ता बग़ाई बोले— “हम सिर्फ अपनी नहीं, पूरे क्षेत्र की रक्षा कर रहे हैं”

खामनेई की शहादत पर ईरान का बड़ा बयान! प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई बोले— "ईरान किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं, दुश्मन फैला रहे हैं भ्रम।" पूरे क्षेत्र की रक्षा की कसम, सैन्य पलटवार की पूरी तैयारी।

आफताब फारुकी 

PNN24 News): ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई की हत्या के बाद ईरान की सरकार ने अपनी मजबूती और अटूट संकल्प का प्रदर्शन किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने लेबनानी अल-मयादीन नेटवर्क को दिए एक विशेष साक्षात्कार में साफ कर दिया कि ईरान की व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और दुश्मन की यह धारणा कि खामनेई के बाद ईरान कमजोर होगा, पूरी तरह निराधार है।

“दुश्मनों की गलतफहमी दूर करेंगे” बग़ाई ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि 1989 से पद पर रहे खामनेई के जाने के बाद तेहरान में नेतृत्व का संकट खड़ा होगा। उन्होंने कहा:

“ईरान की सरकार और उसकी विचारधारा किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। तेहरान के दुश्मन इस भ्रम को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि अस्थिरता पैदा की जा सके, लेकिन हमारी संस्थाएं और सशस्त्र बल पहले से कहीं अधिक एकजुट हैं।”

ईरान का मिशन: पूरे क्षेत्र की सुरक्षा प्रवक्ता ने खामनेई की हत्या को ‘एक अंतरराष्ट्रीय अपराध और ईरान के खिलाफ युद्ध’ करार देते हुए कहा कि ईरान केवल अपनी सीमाओं की नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की रक्षा कर रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान की संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी क्षमताओं को जुटा लिया गया है और अब पलटवार के लिए हथियारों और लक्ष्यों का चुनाव केवल सशस्त्र बलों (Armed Forces) द्वारा किया जाएगा।

क्षेत्रीय देशों के लिए शांति का संदेश युद्ध की आहट के बीच बग़ाई ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों को आश्वासन देते हुए कहा कि तेहरान को इस क्षेत्र के किसी भी राष्ट्र से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा:

“बहुत से लोग जानते हैं कि ईरान इस क्षेत्र के देशों की कितनी सराहना और सम्मान करता है। हमारा संघर्ष बाहरी आक्रामकता (अमेरिका-इज़राइल) के खिलाफ है, न कि अपने पड़ोसियों के विरुद्ध।”

PNN24 न्यूज़ का विश्लेषण: बग़ाई का यह बयान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। एक तरफ जहाँ वे घरेलू स्तर पर जनता को ‘स्थिरता’ का भरोसा दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी देशों (UAE, कतर, सऊदी) को यह संदेश भेज रहे हैं कि वे इज़राइल और अमेरिका के ‘मोहरे’ न बनें। यह ईरान की ‘क्षेत्रीय एकजुटता’ की नीति को दर्शाता है, जिसे खामनेई ने दशकों तक सींचा था।

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