‘विदेश नीति उजागर, सरकार चर्चा से डर रही है’; जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरा, कहा— “सदन में मिडिल ईस्ट संकट पर बहस से भाग रही है बीजेपी”

संसद में संग्राम! जयराम रमेश का मोदी सरकार पर तीखा प्रहार— "सरकार चर्चा से डर रही है।" विपक्ष की मांग: मिडिल ईस्ट युद्ध और भारत पर इसके असर पर हो खुली बहस। क्या उजागर हो गई है सरकार की विदेश नीति? PNN24 की रिपोर्ट।

फारुख हुसैन

नई दिल्ली (PNN24 News): बजट सत्र के दूसरे हिस्से में संसद की कार्यवाही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार मध्य-पूर्व (West Asia) के मौजूदा संकट और भारत पर इसके गंभीर प्रभावों पर चर्चा करने से “कतरा” रही है।

1. जयराम रमेश का ‘एक्स’ (X) पर कड़ा प्रहार

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि विपक्ष दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में ईरान-इज़राइल युद्ध पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इसे अनसुना कर रही है।

  • सरकार का डर: उन्होंने कहा, “सरकार साफ तौर पर इस मुद्दे पर बहस से डर रही है। इसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह उजागर हो चुकी है।”
  • सुओ मोटो स्टेटमेंट का विरोध: रमेश ने स्पष्ट किया कि केवल विदेश मंत्री का बयान काफी नहीं है। विपक्ष चाहता है कि सांसद सवाल पूछ सकें और स्पष्टीकरण मांग सकें, जो वर्तमान ‘मंत्री बयान’ वाली प्रक्रिया में संभव नहीं है।

2. “अटल जी के दौर की दी मिसाल”

जयराम रमेश ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 2003 में जब अमेरिका ने इराक पर हमला किया था, तब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने लोकसभा में इस पर शानदार बहस कराई थी और एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज की सरकार लोकतांत्रिक चर्चा से भाग रही है।

3. विपक्ष की मुख्य चिंताएं

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का मानना है कि इस युद्ध का भारत पर तीन तरह से बड़ा असर पड़ रहा है, जिस पर तुरंत चर्चा ज़रूरी है:

  • ऊर्जा संकट: एलपीजी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई में बाधा।
  • प्रवासी भारतीय: खाड़ी देशों में काम कर रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और उनकी रोज़ी-रोटी।
  • रणनीतिक स्वायत्तता: रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका द्वारा दी गई ’30 दिन की छूट’ और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर पड़ता दबाव।

4. सरकार का पक्ष: “हम चर्चा को तैयार”

वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी नेतृत्व का कहना है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले ही सदन में विस्तृत बयान दे दिया है। सरकार का आरोप है कि विपक्ष केवल हंगामा करना चाहता है और सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है।

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