‘लद्दाख के नायक’ सोनम वांगचुक होंगे रिहा; केंद्र सरकार ने वापस लिया NSA, शांति और संवाद बहाली की ओर बड़ा कदम

लद्दाख के 'रेंचो' सोनम वांगचुक की रिहाई! केंद्र सरकार ने NSA के तहत हिरासत रद्द करने का लिया बड़ा फैसला। 2025 में लेह हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी। क्या लद्दाख को मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का हक? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान

नई दिल्ली (PNN24 News): केंद्र सरकार ने एक बड़े कूटनीतिक और प्रशासनिक फैसले के तहत लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल प्रभाव से रिहा करने का आदेश दिया है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को रद्द करने की घोषणा की।

1. हिरासत और हिंसा की पृष्ठभूमि

सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लद्दाख में भड़की हिंसक झड़पों के दो दिन बाद हिरासत में लिया गया था।

  • लेह हिंसा: 24 सितंबर 2025 को वांगचुक की 35 दिनों की भूख हड़ताल के 15वें दिन आंदोलन उग्र हो गया था, जिसमें 4 लोगों की मौत और लगभग 50 लोग घायल हुए थे।
  • NSA की कार्रवाई: इस घटना के बाद उन पर एनएसए लगाया गया था। अपनी हिरासत अवधि का लगभग आधा समय बिताने के बाद अब उन्हें रिहा किया जा रहा है।

2. सरकार का रुख: “संवाद और विश्वास की बहाली”

गृह मंत्रालय के माध्यम से जारी बयान में सरकार ने कहा कि लद्दाख में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

  • सक्रिय संवाद: सरकार लद्दाख के हितधारकों और समाज के नेताओं के साथ सक्रिय रूप से चर्चा कर रही है ताकि उनकी आकांक्षाओं (छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य का दर्जा) का समाधान निकाला जा सके।
  • रचनात्मक माहौल: हिरासत रद्द करने का उद्देश्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ सार्थक बातचीत संभव हो सके।

3. लद्दाख की मांगें और वांगचुक का संघर्ष

सोनम वांगचुक, जिन्हें फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ के ‘रेंचो’ के किरदार की प्रेरणा माना जाता है (हालांकि उन्होंने खुद इसे केवल एक आंशिक प्रेरणा बताया है), पिछले दो वर्षों से लद्दाख के अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं:

  • छठी अनुसूची: लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और जनजातीय संस्कृति को बचाने के लिए संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग।
  • पदयात्रा: अक्टूबर 2024 में उन्होंने लद्दाख से दिल्ली तक पैदल मार्च निकाला था, जहाँ उन्हें सिंघु बॉर्डर पर हिरासत में लिया गया था।
  • पूर्ण राज्य का दर्जा: 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, लेकिन अब वहां की जनता पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग कर रही है।

4. ‘थ्री इडियट्स’ से लद्दाख के रक्षक तक

इंजीनियर और इनोवेटर सोनम वांगचुक पहली बार तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे जब आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ में उनका ‘फूनसुक वांगडू’ वाला अंदाज़ दुनिया ने देखा। आज वे लद्दाख की ज़मीन, पानी और संस्कृति को बचाने की मुहिम का सबसे बड़ा चेहरा बन चुके हैं।

📊 लद्दाख आंदोलन का घटनाक्रम (2019-2026)

वर्ष घटना प्रभाव
2019 अनुच्छेद 370 हटा, लद्दाख बना UT जनता ने शुरू में स्वागत किया।
2024 (मार्च) 21 दिनों की भूख हड़ताल छठी अनुसूची की मांग ने ज़ोर पकड़ा।
2024 (अक्टूबर) दिल्ली मार्च सिंघु बॉर्डर पर वांगचुक हिरासत में।
2025 (सितंबर) लेह में हिंसक प्रदर्शन 4 की मौत, वांगचुक पर NSA लगा।
2026 (मार्च) हिरासत रद्द सरकार ने संवाद के लिए वांगचुक को रिहा किया।

📌 सोनम वांगचुक की रिहाई को केंद्र सरकार के ‘सॉफ्ट पावर’ दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण लद्दाख में अशांति भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती है, ऐसे में वांगचुक को रिहा कर सरकार संवाद का रास्ता खोलना चाहती है।

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