‘युद्ध की लपटों में दूतावास’: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन का भीषण हमला; सऊदी अरब ने की क्षति की पुष्टि, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन का सटीक प्रहार। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने की पुष्टि— धमाकों के बाद परिसर में लगी आग। जेद्दा, रियाद और धहरान में 'शेल्टर-इन-प्लेस' आदेश। जानिए क्या है ग्राउंड जीरो की स्थिति।

शफी उस्मानी
PNN24 News): मध्य-पूर्व में शनिवार से जारी महायुद्ध अब राजनयिक गलियारों तक पहुँच गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि मंगलवार तड़के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो आत्मघाती ड्रोनों से हमला किया गया। यह हमला ईरान द्वारा अपने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में शुरू किए गए ‘मल्टी-फ्रंट’ ऑपरेशंस का हिस्सा है।
1. ग्राउंड ज़ीरो: आग और विस्फोट
सऊदी रक्षा मंत्रालय और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रियाद के ‘डिप्लोमैटिक क्वार्टर’ (Diplomatic Quarter) में मंगलवार सुबह ज़ोरदार धमाके सुने गए।
- क्षति का आकलन: मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दो ड्रोनों के टकराने से दूतावास परिसर में “सीमित आग” लग गई और इमारत को “मामूली ढांचागत नुकसान” पहुँचा है।
- धुएं का गुबार: रॉयटर्स और एएफपी की रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के बाद दूतावास परिसर से काला धुआं उठता देखा गया, जिसे बुझाने के लिए सऊदी दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं।
2. ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ और दूतावास सेवाएं बंद
हमले के तुरंत बाद, सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया:
- निर्देश: जेद्दा, रियाद और धहरान में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (जहाँ हैं, वहीं सुरक्षित रहें) की सलाह दी गई है।
- सेवाएं रद्द: सुरक्षा कारणों से दूतावास ने अपनी सभी कांसुलर सेवाएं और गैर-जरूरी यात्राओं को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है।
3. कुवैत और बहरीन में भी दहशत
रियाद पर हुआ यह हमला कोई इकलौती घटना नहीं है। सोमवार को कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास धुआं देखा गया था, और बहरीन में भी शेख ईसा एयरबेस पर हमले की खबरें आई थीं। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद हर उस अमेरिकी ठिकाने को ‘पंगु’ बनाना है जहाँ से इज़राइल की मदद की जा रही है।
4. राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी
इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका शांत नहीं बैठेगा। उन्होंने ‘न्यूजनेशन’ से बातचीत में संकेत दिया कि रियाद दूतावास पर हमले और अमेरिकी सैनिकों की शहादत का जवाब “बहुत जल्द और बहुत शक्तिशाली” होगा।
रियाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘डिप्लोमैटिक क्वार्टर’ में घुसकर हमला करना ईरान की बढ़ती सैन्य पहुँच को दर्शाता है। यह सऊदी अरब के वायु रक्षा तंत्र (Air Defense) के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। हालांकि सऊदी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने रियाद की ओर आ रहे 4 अन्य ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन दूतावास पर हुआ प्रहार मनोवैज्ञानिक रूप से अमेरिका के लिए बड़ा झटका है।










