‘USCIRF की रिपोर्ट पर भारत का कड़ा प्रहार’; RSS और RAW पर प्रतिबंध लगाने की अमेरिकी सिफारिश को बताया ‘पक्षपाती’, देश में छिड़ी नई सियासी जंग
अमेरिकी आयोग (USCIRF) की रिपोर्ट में भारत को 'विशेष चिंता वाला देश' (CPC) घोषित करने की मांग। RSS और RAW पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश। भारत सरकार ने रिपोर्ट को 'पक्षपाती' बताकर किया खारिज, कांग्रेस ने बोला संघ पर हमला। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
नई दिल्ली (PNN24 News): अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (USCIRF) की साल 2026 की वार्षिक रिपोर्ट ने भारत और अमेरिका के राजनयिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। आयोग ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को “निरंतर खराब” बताते हुए भारत सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और खुफिया एजेंसी RAW के खिलाफ कड़े कदम उठाने की सिफारिश की है।
1. USCIRF की चौंकाने वाली सिफारिशें
आयोग ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय से मांग की है कि भारत को ‘विशेष चिंता वाले देश’ (CPC) की सूची में शामिल किया जाए। प्रमुख सिफारिशें इस प्रकार हैं:
- RSS और RAW पर निशाना: आयोग ने रॉ और आरएसएस पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनके सदस्यों पर ‘लक्षित प्रतिबंध’ (Targeted Sanctions) लगाने, उनकी संपत्तियां फ्रीज़ करने और अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।
- हथियारों की बिक्री पर रोक: रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अमेरिका भारत को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता और हथियारों की बिक्री को धार्मिक स्वतंत्रता में सुधारों से जोड़े।
2. भारत सरकार का करारा जवाब
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है।
- प्रेरित रिपोर्ट: विदेश मंत्रालय ने कहा कि USCIRF का रवैया हमेशा से पक्षपाती रहा है और यह रिपोर्ट एक पुराने ‘पैटर्न’ का हिस्सा है जिसका उद्देश्य भारत की छवि खराब करना है।
- तथ्यों की अनदेखी: सरकार ने आयोग के निष्कर्षों को “प्रेरित और पूर्वाग्रह से ग्रसित” बताया है।
3. रिपोर्ट में भारत पर लगाए गए गंभीर आरोप
USCIRF ने साल 2025 की कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए भारत को घेरा है:
- महाराष्ट्र हिंसा (मार्च 2025): औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर हुई हिंसा का ज़िक्र।
- ओडिशा हमला (जून 2025): ईसाई परिवारों पर धर्मांतरण के दबाव और हमले का आरोप।
- पहलगाम हमला (अप्रैल 2025): कश्मीर में हिंदू पर्यटकों की मौत के बाद भड़की मुस्लिम विरोधी भावना और यूपी में एक मुस्लिम कर्मचारी की हत्या का मामला।
- शरणार्थी मामला: रोहिंग्या और बंगाली भाषी मुसलमानों के निष्कासन और वक़्फ़ कानून में बदलाव को अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताया गया है।
4. भारत में सियासी घमासान: कांग्रेस बनाम RSS
रिपोर्ट के बहाने कांग्रेस ने केंद्र सरकार और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है।
- कांग्रेस का रुख: कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर मांग की है कि आरएसएस पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। पार्टी ने सरदार पटेल द्वारा गांधी जी की हत्या के बाद संघ पर लगाए गए प्रतिबंध का भी ज़िक्र किया।
- RSS की चुप्पी: दिल्ली स्थित संघ मुख्यालय (केशव कुंज) ने फिलहाल इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है।
📊 USCIRF: एक नज़र में (Agency Profile)
| विवरण | जानकारी |
| स्थापना | 1998 (अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम) |
| प्रकृति | स्वतंत्र अमेरिकी संघीय सरकारी एजेंसी |
| प्रमुख कार्य | देशों को सीपीसी (CPC) और एसडब्ल्यूएल (SWL) सूची में डालने की सिफारिश करना |
| 2026 की नई सिफारिशें | भारत, अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया और वियतनाम |
| पहले से शामिल देश | पाकिस्तान, चीन, ईरान, सऊदी अरब, रूस आदि |
📌 PNN24 विश्लेषण:
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि USCIRF केवल एक ‘सिफारिशी निकाय’ है। इसके सुझावों को मानना अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लिए अनिवार्य नहीं है। भारत और अमेरिका के गहरे रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों को देखते हुए, यह संभावना कम है कि बाइडन/ट्रंप प्रशासन (2026 के संदर्भ में) RAW या RSS जैसे संस्थानों पर कोई कड़ा प्रतिबंध लगाएगा। हालांकि, ऐसी रिपोर्टें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘धारणा का युद्ध’ (Perception War) तेज़ कर देती हैं।










