‘दालमंडी का मसीहा या मुनाफाखोर?’; सपा नेता अस्करी रज़ा उर्फ सईद बिल्डर पर दुकान पर कब्ज़ा करने का आरोप; देखे ताला तोड़ते युवकों ने कैमरे पर उगला सच— “सईद भाई ने कहा था शटर उतार दो”
"आपदा में अवसर": दालमंडी चौड़ीकरण में व्यापारियों की बर्बादी के बीच बिल्डरों की 'चांदी'। सपा नेता अस्करी रज़ा उर्फ सईद बिल्डर पर दुकान का ताला तोड़कर शटर कटवाने का आरोप। करोड़ों की 'पगड़ी' लेकर अब दुकानदारों को सड़क पर लाने की तैयारी? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): काशी की ऐतिहासिक दालमंडी में चौड़ीकरण की कार्यवाही क्या बेगुनाह दुकानदारों की कब्रगाह बनेगी? जहाँ एक तरफ छोटे व्यापारी अपनी जिंदगी भर की कमाई खोकर सड़क पर आ गए हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ रसूखदार बिल्डर इस आपदा को ‘धनवर्षा’ के अवसर में बदलने में जुटे हैं। ताजा मामला समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के करीबी बताए जाने वाले अस्करी रज़ा उर्फ सईद बिल्डर का सामने आया है।
1. सुबह-सुबह दुकान पर धावा, ताला तोड़ा और शटर काटा
आज सुबह दालमंडी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सईद बिल्डर से संबंधित एक भवन की दुकान पर कुछ युवक पहुँचे और सरेआम शटर काटने लगे। दुकानदार ने मौके पर पहुँचकर इस पूरी घटना का वीडियो बनाया। वीडियो में शटर काट रहे युवक साफ कहते सुनाई दे रहे हैं— “सईद भाई ने कहा था कि मेरी दुकान है, जाकर शटर उतार दो।” दुकानदार का दावा है कि उसने यह दुकान सईद बिल्डर से मोटी ‘पगड़ी’ देकर ली थी, लेकिन अब उसे बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।
2. करोड़ों की ‘पगड़ी’ और मुआवजे का ‘मजाक’
सूत्रों की मानें तो सईद बिल्डर ने दालमंडी में कई भवन बनाए और दुकानदारों से 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की पगड़ी वसूली। चौड़ीकरण शुरू होते ही यही बिल्डर बयान देते हैं कि दुकानदारों को केवल 4-5 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए।
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गणित समझिए: लाखों की पगड़ी डकारने के बाद अब ये बिल्डर भवनों को सरकार को बेचकर ‘आम के आम और गुठलियों के दाम’ वसूल रहे हैं, जबकि दुकानदार को मुआवजे के नाम पर ऊंट के मुँह में जीरा देने की पैरवी कर रहे हैं।
3. अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर सवाल
अस्करी रज़ा खुद को समाजवादी पार्टी का कद्दावर नेता और प्रशासन का करीबी बताते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल अखिलेश यादव की राजनीति पर उठता है:
- क्या अखिलेश यादव को पता है कि उनकी पार्टी के नेता ही दुकानदारों का शोषण कर रहे हैं?
- एक तरफ सपा न्याय की बात करती है, दूसरी तरफ उसके अपने लोग ‘पगड़ी’ लेकर व्यापारियों को सड़क पर ला रहे हैं।
- क्या ऐसी ‘मुनाफाखोरी’ पर सपा नेतृत्व कोई कार्रवाई करेगा या चुप्पी साधे रखेगा?
4. दुकानदार आजिज़, प्रशासन मौन
दालमंडी का आम दुकानदार अब अपनी जिंदगी से आजिज़ आ चुका है। उसे एक तरफ सरकारी बुलडोजर का डर है, तो दूसरी तरफ अपने ही ‘हमदर्द’ बिल्डरों की गिद्ध दृष्टि का। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे बिल्डरों के दावों और उनकी कागजी हेराफेरी की जांच करे ताकि असली दुकानदार को उसका हक मिल सके।
📌 PNN24 का कड़ा रुख:
व्यापारियों के आंसू पोंछने के नाम पर उनकी दुकानों पर ‘आरा’ चलवाना इंसानियत के नाम पर कलंक है। PNN24 News इस वीडियो और दुकानदार के दावों की निष्पक्ष जांच की मांग करता है। समाज के ठेकेदार बनने वालों का असली चेहरा जनता के सामने आना ही चाहिए। लानत हो ऐसी मुनाफाखोरी पर!












