वाराणसी: ऐतिहासिक बीबी रज़िया मस्जिद में गूंजी इफ्तार की दुआएं; 17वें रमज़ान पर हज़ारों रोज़ेदारों ने एक साथ खोला रोज़ा, दिखी भाईचारे की मिसाल
वाराणसी के चौक स्थित ऐतिहासिक मस्जिद बीबी रज़िया में 17वें रमज़ान पर भव्य इफ्तार का आयोजन। हज़ारों रोज़ेदारों ने शिरकत की। उम्मत-ए-मुस्लिमा वाराणसी की जानिब से पारंपरिक तरीके से निभाई गई रस्म।

शफी उस्मानी
वाराणसी (PNN24 News): धर्म और संस्कृति की नगरी काशी के चौक क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मस्जिद बीबी रज़िया में शनिवार को 17वें रमज़ान के मुबारक मौके पर भव्य इफ्तार का आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, इस विशेष दिन पर शहर के गणमान्य नागरिकों और हज़ारों रोज़ेदारों ने एक दस्तरख्वान पर बैठकर इफ्तार किया और मुल्क में अमन-चैन की दुआएं मांगी।
1. पारंपरिक और भव्य आयोजन
मस्जिद बीबी रज़िया में हर साल 17वें रमज़ान के दिन इफ्तार का आयोजन एक विशेष महत्व रखता है। शनिवार शाम अज़ान से पहले मस्जिद का परिसर रोज़ेदारों से पूरी तरह भर गया। पारंपरिक तरीके से सजाए गए दस्तरख्वान पर खजूर, फल और अन्य पकवानों के साथ हज़ारों लोगों ने एक साथ रोज़ा कुशाई की।
2. उम्मत-ए-मुस्लिमा की सराहनीय पहल
इस सामूहिक इफ्तार का भव्य आयोजन ‘उम्मत-ए-मुस्लिमा वाराणसी’ की जानिब से किया गया था। आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्था के कार्यकर्ताओं और मस्जिद प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए थे, ताकि रोज़ेदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
3. प्रमुख सेवादारों की भूमिका
इफ्तार के सफल प्रबंधन और इंतज़ामिया कमेटी में मुख्य रूप से मस्जिद के मुतवल्ली मिर्ज़ा सैफ़ बेग, मुनाज़िर हुसैन ‘मिन्जू’, और शाहनवाज़ खान (शानू मोबाइल) सक्रिय रहे। इनके साथ ही शहर के कई अन्य सम्मानित नागरिकों ने भी अपनी सेवाएं दीं। इस मौके पर सैय्यद नईम, सेक्रेटरी शमसुद्दीन, अब्दुल माजिद, आबिद शेख, फ़ादर आनंद, किशन दीक्षित, संजीव, राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, अतहर जमाल लारी समेत शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
4. सामाजिक सौहार्द का संदेश
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि रमज़ान का महीना धैर्य और भाईचारे का संदेश देता है। मस्जिद बीबी रज़िया जैसे ऐतिहासिक स्थल पर इस तरह के सामूहिक आयोजन न केवल धार्मिक परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि काशी की साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) को भी मज़बूती प्रदान करते हैं।














