‘नफरत के सौदागर को पार्षद का संरक्षण?’; पार्षद इन्द्रेश कुमार ने खबर चलाने वाली पत्रकार को दी धमकी— “खुदकुशी कर लेगा लड़का, तो पत्रकार पर होगा मुकदमा”, नफरत फ़ैलाने वाले युवक के साथ खुद कोई घटना-दुर्घटना करवा कर पत्रकारों को फ़साने की कोई साजिश कर रहे पार्षद..?
वाराणसी: नफरत फैलाने वाले युवक को पार्षद का 'वरदहस्त'? मुस्लिम समाज को गाली देने वाले आरोपी के बचाव में उतरे पार्षद इन्द्रेश कुमार ने पत्रकार को दी धमकी। कॉल रिकॉर्डिंग में 'साजिश' की बू। PNN24 की विशेष और बेबाक रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): काशी की साझा विरासत और दालमंडी की गंगा-जमुनी तहजीब को ज़हर से भरने की एक गहरी साजिश का खुलासा हुआ है। चौक थाना क्षेत्र के चाह्मामा कुआं के पास दशकों से चाट का ठेला लगाने वाले श्याम सुंदर के बेटे ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समाज को भद्दी गालियां दीं। लेकिन अब इस मामले में जो नया मोड़ आया है, वह न केवल हैरान करने वाला है बल्कि एक बड़ी राजनीतिक साजिश की तरफ इशारा कर रहा है।
1. नफरती युवक और सियासत का ‘हाथ’
दालमंडी जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाके में वर्षों से व्यापार करने वाले परिवार के बेटे की इस हरकत ने सबको चौंका दिया था। लेकिन अब साफ हो गया है कि इस नफरत के पीछे स्थानीय पार्षद इन्द्रेश कुमार का वरदहस्त है। पत्रकारिता के धर्म का पालन करते हुए जब इस खबर को प्रकाशित किया गया, तो आरोपी को सजा दिलाने के बजाय पार्षद जी खुद बचाव में उतर आए। PNN24 न्यूज़ के पास कॉल रिकार्डिंग सुरक्षित है
2. कॉल रिकॉर्डिंग में ‘साजिश’ का राजफाश
PNN24 के पास वह कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, जिसमें पार्षद इन्द्रेश कुमार एक महिला पत्रकार को सीधे तौर पर धमकाते सुनाई दे रहे हैं।
- पार्षद का तर्क: पार्षद का कहना है कि “आरोपी लड़का खुदकुशी करने जा रहा था और उन्होंने उसे समझाया है।”
- सीधी धमकी: पार्षद ने पत्रकार से कहा कि अगर लड़का खुद के साथ कुछ अनहोनी करता है, तो इसका मुकदमा पत्रकारों पर दर्ज करवाया जाएगा।
3. क्या रची जा रही है कोई बड़ी साजिश?
पार्षद की बातों से एक भयानक अंदेशा पैदा होता है। सवाल यह है कि:
- क्या पार्षद इन्द्रेश कुमार खुद उस युवक के साथ कोई ‘घटना’ या ‘दुर्घटना’ करवाकर उसका इल्जाम पत्रकारों पर मढ़ने की बिसात बिछा रहे हैं?
- उनके बातो से यह अंदेशा बढ़ रहा है कि पार्षद अथवा उनके समर्थक उस युवक पर खुद हमला करके आरोप भी दूसरो के सर पर लगा सकते है
- एक जिम्मेदार जन-प्रतिनिधि होने के नाते क्या उन्हें युवक को पुलिस के हवाले कर माफी मंगवाने के लिए नहीं कहना चाहिए था?
- खबर चलाने वाले को धमकी देना क्या सच को दबाने की कोशिश नहीं है?
4. प्रशासन से PNN24 की अपील
यह मामला अब केवल ‘हेट स्पीच’ का नहीं रह गया है, बल्कि एक पत्रकार की सुरक्षा और राजनीतिक साजिश का बन गया है। पार्षद का यह व्यवहार बताता है कि वे उस नफरती युवक को मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं।
PNN24 News प्रशासन और वाराणसी पुलिस से अपील करता है कि:
- उक्त युवक की गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जाए ताकि कोई उसे ‘सियासत की बिसात’ का मोहरा न बना सके।
- धमकी देने वाले पार्षद की भूमिका की जांच हो।
- पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि सच लिखने पर उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है।
📌 PNN24 का कड़ा रुख:
पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। अगर नफरत फैलाने वालों को बेनकाब करना गुनाह है, तो हम यह गुनाह बार-बार करेंगे। पार्षद जी, धमकियों से कलम नहीं रुकती। नफरत की सियासत के रंग अब काशी की जनता पहचान चुकी है।












