‘डीसीपी काशी साहब…! क्या यही है आपकी पुलिस की निष्पक्षता?’; हरतीरथ में दरोगा जी के सामने ‘भगवा गमछाधारियों’ का तांडव, मूकदर्शक बनी रही कोतवाली पुलिस
वाराणसी: "खाकी" पर "भगवा" भारी? हरतीरथ चौराहे पर पुलिस के सामने युवक की सरेआम पिटाई। मूकदर्शक बने रहे अंबिया मंडी चौकी इंचार्ज। क्या सत्ता के सिंबल के दबाव में है काशी की पुलिस? PNN24 की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): धर्म की नगरी काशी में आज ‘खाकी’ की इकबाल पर उस वक्त सवालिया निशान लग गया, जब कोतवाली थाना क्षेत्र के हरतीरथ चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में सरेआम गुंडागर्दी हुई। एक दुकान के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे, लेकिन चर्चा का विषय मारपीट नहीं, बल्कि पुलिस का ‘मूकदर्शक’ बना रहना है।
1. पुलिस के सामने थप्पड़ और घूंसों की बरसात
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ‘भगवा गमछा’ ओढ़े हुए था, जबकि दूसरा पक्ष सामान्य वेशभूषा में। देखते ही देखते भगवा गमछाधारी पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक पर थप्पड़ और घूंसों की बरसात कर दी। हैरानी की बात यह है कि यह सब अंबिया मंडी चौकी इंचार्ज और उनके हमराहियों के ठीक सामने हुआ।
2. दरोगा या ‘मैनेजर’? पुलिस की भूमिका पर सवाल
वीडियो में पुलिस की भूमिका किसी रक्षक जैसी नहीं, बल्कि एक ‘मैनेजर’ जैसी दिखाई दे रही है।
- डंडा या पीठ खुजलाने का साधन: पुलिस के हाथों में मौजूद डंडे, जिनका इस्तेमाल भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाना चाहिए था, वे महज दिखावे की वस्तु बनकर रह गए।
- दबाव की राजनीति: दबंगई दिखा रहे पक्ष को तितर-बितर करने या हिरासत में लेने के बजाय दरोगा जी उनसे ‘इल्तेजा’ (मिन्नतें) करते दिखे कि “आप लोग थाने चलिए, वहां तहरीर दीजिए।”
3. “खाकी” पर “भगवा” का दबाव?
हरतीरथ की इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि क्या वाराणसी पुलिस सत्ता पक्ष के प्रतीकों (भगवा गमछा) से इस कदर दबाव में है कि वह अपनी आंखों के सामने हो रहे अपराध को भी नहीं रोक पा रही? जिस युवक की पिटाई हुई, उसकी सुरक्षा करना तो दूर, पुलिस हमलावरों को समझाती-बुझाती नजर आई।
4. डीसीपी काशी से सीधा सवाल
PNN24 News इस वीडियो के माध्यम से डीसीपी काशी से यह सवाल पूछता है:
- क्या कोतवाली पुलिस की यही निष्पक्षता की तैयारी है?
- क्या वर्दी का रसूख अब केवल कमजोरों के लिए रह गया है?
- सरेआम कानून हाथ में लेने वाले ‘भगवा गमछाधारियों’ पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
📌 PNN24 का कड़ा रुख:
कानून की नजर में अपराधी केवल अपराधी होता है, उसका कोई रंग या दल नहीं होता। अगर पुलिस ‘प्रतीकों’ को देखकर अपनी कार्रवाई तय करेगी, तो आम जनता का भरोसा सिस्टम से उठ जाएगा। हम उम्मीद करते हैं कि उच्चाधिकारी इस वीडियो का संज्ञान लेकर दोषी पुलिसकर्मियों और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।











