‘वाराणसी में सिगरेट का “धुआंधार” खेल: बजट की आड़ में ITC एजेंसी मालिकों की चांदी; MRP के ऊपर 10% की वसूली, आखिर ज़िम्मेदार अधिकारी क्यों हैं खामोश?’
वाराणसी में सिगरेट की खुली लूट: बजट के बहाने ITC एजेंसी मालिकों ने शुरू की कालाबाजारी। MRP से 10-15% महंगे दाम पर हो रही सप्लाई। पानदरीबा के दुकानदारों का आरोप— "एजेंसी ही वसूल रही ज्यादा दाम।" आखिर कहाँ सोया है प्रशासन? PNN24 की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
वाराणसी (PNN24 News): धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में इन दिनों सिगरेट के शौकीनों की जेब पर ‘कालाबाजारी’ का डाका डाला जा रहा है। बजट में सिगरेट पर टैक्स क्या बढ़ा, वाराणसी में ‘आपदा में अवसर’ तलाशने वाले एजेंसी मालिकों ने नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। हालत यह है कि जिस माल की सप्लाई अमूमन MRP से 5-10% कम पर होनी चाहिए, वह अब MRP से भी 10 से 15% अधिक दाम पर धड़ल्ले से बेची जा रही है।
1. पानदरीबा से एजेंसी तक… ‘लूट का नेटवर्क’
वाराणसी के प्रमुख होलसेल मार्केट ‘पानदरीबा’ में जब PNN24 की टीम ने पड़ताल की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। थोक व्यापारियों का सीधा आरोप है कि इलाके के बड़े ITC एजेंसी होल्डर ‘मंसाराम’ द्वारा ही माल ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जब ऊपर से ही रेट बढ़कर आएगा, तो हम ग्राहकों को कम में कैसे देंगे?
2. आंकड़ों की बाजीगरी: कैसे लूटी जा रही जनता?
दुकानदारों ने उदाहरण देकर बताया कि किस तरह MRP के खेल को धता बताया जा रहा है:
- Capstan सिगरेट: बजट के बाद इसकी MRP ₹74 प्रति पैकेट है, लेकिन एजेंसी से इसकी सप्लाई ₹80 में हो रही है। थोक दुकानदार इसे ₹82 में बेच रहे हैं, और फुटकर में यह ₹85 से ₹100 तक बिक रही है।
- Gold Flake (छोटी): जिसकी कीमत पहले ₹85 थी, उसकी सप्लाई अब एजेंसी द्वारा ₹118 में की जा रही है। दुकानदार इसे ₹120 में बेच रहे हैं।
3. मोनोपॉली का फायदा और प्रशासनिक चुप्पी
ITC जैसी कंपनी के मुकाबले मैदान में कोई बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी न होने के कारण एजेंसी मालिक मनमाना दाम वसूल रहे हैं। कंपनी की साख पर बट्टा लगने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं, मूल्यों पर नियंत्रण रखने वाले जिम्मेदार विभाग बजट से पहले जो आंखें बंद करते हैं, वे अगले बजट तक शायद ही खुलती हैं। प्रशासन की चुप्पी कालाबाजारी करने वालों के लिए ‘मौन सहमति’ जैसा काम कर रही है।
वैसे “प्रशासन का ‘काम’ तो सबको दिख रहा है। जब गरीब आदमी रेहड़ी लगाता है तो नियम याद आ जाते हैं, और यहाँ खुलेआम MRP की धज्जियां उड़ रही हैं तो सब ‘गांधारी’ बन गए हैं। कंपनी को भी कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उसे पता है कि सिगरेट पीने वाला कसम खाकर बैठा है कि चाहे दाम कितना भी हो, धुआं तो उड़ाना ही है। बस इसी मजबूरी का फायदा ये बिचौलिए उठा रहे हैं। बनारस की जनता देख रही है कि कैसे ‘आपदा’ को इन लोगों ने अपने लिए ‘सोना’ बना लिया है!”
📊 सिगरेट कालाबाजारी: एक तुलनात्मक नज़र (Price Comparison)
| ब्रांड | आधिकारिक MRP (अनुमानित) | एजेंसी सप्लाई रेट | फुटकर बिक्री दाम |
| Capstan | ₹74 | ₹80 | ₹85 – ₹100 |
| Gold Flake (S) | ₹85 | ₹118 | ₹120+ |
| मुनाफाखोरी | — | 10% – 15% (MRP के ऊपर) | 20% – 25% |











