‘इंटरनेट पर “बाल शैतान” का खौफ: एपस्टीन फाइल्स से लेकर ईरान-इज़राइल युद्ध तक; क्या प्राचीन “नरबलि” पंथ आज भी चला रहा है दुनिया?’
'बाल शैतान': प्राचीन कनानी देवता या आधुनिक साजिश? जानें क्यों ईरान में फूंका गया 'बाल' का पुतला और क्या है इसका जेफरी एपस्टीन की फाइल्स से कनेक्शन। आन्या विक और कैंडेंस ओवेन्स के दावों के बीच PNN24 की विशेष पड़ताल—क्या मासूमों पर हमले के पीछे कोई 'शैतानी पंथ' है?

तारिक आज़मी
PNN24 News: इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेट की अंधेरी दुनिया (Dark Web) में एक नाम तेज़ी से गूँज रहा है— ‘बाल’ (Baal)। प्राचीन इतिहास में ‘प्रभु’ या ‘तूफान के देवता’ के रूप में जाना जाने वाला यह नाम आज एक ‘भयानक शैतान’ के रूप में चर्चा में है। जेफरी एपस्टीन की फाइल्स के सार्वजनिक होने और ईरान में ‘बाल’ के पुतले के दहन के बाद, षड्यंत्र के सिद्धांतों (Conspiracy Theories) का एक नया बाज़ार गर्म हो गया है।
1. कौन है ‘बाल’ और क्या है इसका खूनी इतिहास?
प्राचीन कनान और फोनीशियन सभ्यताओं (आधुनिक लेबनान, सीरिया, फिलिस्तीन) में ‘बाल’ एक प्रमुख देवता था। ऐतिहासिक और धार्मिक ग्रंथों (बाइबिल) के अनुसार, बाल को प्रसन्न करने के लिए बच्चों की बलि दी जाती थी। कार्थेज की खुदाई में मिले अवशेष इस भयावह प्रथा की पुष्टि करते हैं, जहाँ ‘मोल्क’ (भेंट) के रूप में बच्चों को आग के हवाले किया जाता था। ईसाई और इस्लाम धर्म में इसे ‘बाल शैतान’ की उपाधि दी गई है।
🇮🇷 The Full Baal Burning Video in Iran
Iranians burned a Baal statue and an image of Jeffrey Epstein.
"We, the monotheists of the world, by the help of God, will bring down the worshipers of Baal, the worshipers of Satan, and the arrogant oppressors."pic.twitter.com/0CqDfFHbsX
— Ryan Rozbiani (@RyanRozbiani) February 11, 2026
2. एपस्टीन फाइल्स और ‘फोनीशियन पंथ’ का दावा
इंटरनेट पर चर्चा तब शुरू हुई जब आन्या विक (जो खुद को जेफरी एपस्टीन की भतीजी बताती है) ने दावा किया कि एपस्टीन परिवार एक “फोनीशियन शैतानी प्रजनन पंथ” का हिस्सा था। इसके बाद मशहूर पॉडकास्टर कैंडेंस ओवेन्स ने अपने एपिसोड ‘BAAL SO HARD’ में आरोप लगाया कि दुनिया के शक्तिशाली अरबपति असल में ‘यहूदी’ नहीं, बल्कि प्राचीन मूर्तिपूजक हैं जो सदियों से इस गुप्त पंथ को चला रहे हैं।
3. ईरान में पुतला दहन और ‘बलि’ का सिद्धांत
हाल ही में ईरान में ‘बाल’ के पुतले जलाए जाने की तस्वीरें वायरल हुईं। इंटरनेट विशेषज्ञों का एक वर्ग दावा कर रहा है कि इस पुतला दहन के ठीक बाद इज़राइल और अमेरिका द्वारा एक बच्चियों के स्कूल को निशाना बनाया गया, वह असल में ‘बाल’ को खुश करने के लिए दी गई एक ‘बलि’ थी। हालांकि, PNN24 News स्पष्ट करता है कि इन दावों की कोई आधिकारिक या सैन्य पुष्टि नहीं है; ये केवल पॉडकास्ट और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर आधारित हैं।
4. इतिहासकार बनाम इंटरनेट थ्योरी
इतिहासकार जोसेफिन क्विन के अनुसार, बाल-बलि की प्रथा कनानियों में व्यापक नहीं थी, बल्कि यह एक छोटा चरमपंथी गुट था जिसे समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था। विशेषज्ञों का तर्क है कि 3000 साल पुराने एक विलुप्त धर्म का 21वीं सदी के रूस (खज़ार साम्राज्य के माध्यम से) या अमेरिका से जुड़ना ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं है।

📊 बाल (Baal): तथ्य और भ्रम (Fact vs Fiction)
| पहलू | ऐतिहासिक तथ्य | इंटरनेट/कन्स्पिरसी थ्योरी |
| मूल | प्राचीन कनानी तूफान देवता | एक गुप्त वैश्विक शैतानी पंथ |
| प्रथा | कार्थेज में शिशु बलि के प्रमाण | आधुनिक युद्धों को ‘बलि’ के रूप में देखना |
| कनेक्शन | ईसा पूर्व विलुप्त सभ्यता | जेफरी एपस्टीन और ‘खज़ार’ साम्राज्य से जुड़ाव |
| मुख्य स्रोत | पुरातात्विक खुदाई / बाइबिल | वायरल पॉडकास्ट (कैंडेंस ओवेन्स, आन्या विक) |













