‘यूपी कॉलेज हत्याकांड: “माफिया” मंजीत गिरफ्तार, लेकिन क्या प्रिंसिपल के “सुलह समझौते” ने ली सूर्य प्रताप की जान?’; रैगिंग के आरोपों ने प्रबंधन की खोली पोल, कैंपस में ‘एंटी-रैगिंग सेल’ सिर्फ कागजों पर!
वाराणसी: यूपी कॉलेज हत्याकांड का आरोपी 'माफिया' मंजीत गिरफ्तार। रैक़िंग का आरोप या वर्चस्व की जंग? प्रिंसिपल के बुलावे पर सुलह करने पहुंचे छात्र की हत्या ने कॉलेज प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया। विपक्ष ने घेरी सरकार। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

निलोफर बानो
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (UP) कॉलेज में शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया है। पुलिस ने आरोपी छात्र मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जो वारदात के बाद छत से कूदकर भागने की कोशिश में घायल हो गया था। लेकिन इस गिरफ्तारी के साथ ही कॉलेज प्रबंधन की भूमिका और कैंपस के अंदर पनप रहे ‘माफिया कल्चर’ पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
1. आरोपी की प्रोफाइल: नाम के साथ ‘माफिया’ और 1818 गैंग
पुलिस जांच में मंजीत सिंह की खौफनाक मानसिकता का खुलासा हुआ है।
- सोशल मीडिया: मंजीत अपने नाम के साथ ‘माफिया’ शब्द जोड़ता है और ‘1818’ नाम से एक डिजिटल गैंग चलाता है। उसके सोशल मीडिया पर हथियारों और बदमाशी वाले स्टेटस उसकी अपराधी मानसिकता को उजागर करते हैं।
- गिरफ्तारी: हत्या के बाद मंजीत छत से कूदा जिससे उसका पैर टूट गया। वह लिफ्ट लेकर भागने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
2. रैगिंग का आरोप या प्रबंधन की लापरवाही?
आरोपी मंजीत ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि वह रैगिंग और उत्पीड़न से परेशान था, जिसके चलते उसने खौफनाक कदम उठाया।
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प्रिंसिपल पर सवाल: मृतक के पिता के बयान ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। पिता का दावा है कि प्रिंसिपल ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए बुलाया था। * बड़ा सवाल: यदि रैगिंग की शिकायत थी, तो एंटी-रैगिंग सेल ने कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या प्रिंसिपल कानूनी प्रक्रिया के बजाय ‘आपसी सहमति’ से मामले को दबाना चाह रहे थे? क्या प्रबंधन सिर्फ पैसे कमाने का अड्डा बन गया है?
3. कैंपस में तांडव और आक्रोश
वारदात प्राचार्य के सामने या उनके कार्यालय के समीप हुई, जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में जमकर तोड़फोड़ की, जिसमें कई प्रोफेसरों को चोटें आईं और गाड़ियों को नुकसान पहुँचा। छात्रों का आरोप है कि यूपी कॉलेज शिक्षा समिति कैंपस में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है।
4. राजनीतिक गलियारों में मची रार
वाराणसी में हुई इस वारदात ने 2026 की राजनीति को गर्मा दिया है:
- कांग्रेस: प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे जंगलराज बताया। यूपी कांग्रेस ने पीएम मोदी से सवाल पूछा— “काशी का युवा खून से लथपथ, मोदी जी क्या यही है आपका विकास पथ?”
- सपा: समाजवादी पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में फेल हो चुके हैं, अपराधी बेखौफ हैं।
📊 केस फाइल: मुख्य बिंदु (Case Summary)
| विवरण | जानकारी |
| मृतक छात्र | सूर्य प्रताप सिंह (पढ़ाई में मेधावी) |
| आरोपी | मंजीत सिंह उर्फ ‘माफिया’ (गैंग 1818 का संचालक) |
| विवाद की जड़ | वर्चस्व की जंग बनाम रैगिंग का आरोप |
| प्रबंधन की भूमिका | प्रिंसिपल द्वारा समझौते के लिए बुलाने का दावा (संदेहास्पद) |
| वर्तमान स्थिति | आरोपी गिरफ्तार, कॉलेज में भारी पुलिस बल तैनात |
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प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अगर छात्र ‘माफिया’ बनने का शौक पालने लगें और प्रबंधन ‘समझौतों’ के जरिए अपराध को ढंकने की कोशिश करे, तो अंजाम ऐसा ही भयावह होता है। यूपी कॉलेज में एंटी-रैगिंग सेल की निष्क्रियता और सुरक्षा में चूक की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। क्या शिक्षा का मंदिर अब अपराधियों की शरणस्थली बन गया है?












