‘दमोह: “दूल्हा” घोड़ी पर चढ़ा तो दबंगों ने रोका रास्ता; जातिसूचक गालियाँ देकर परिवार को पीटा; एमपी के बिजौरी पाठक गांव में दलित विवाह समारोह में खूनी संघर्ष!’
मध्य प्रदेश के दमोह में जातिवाद का नंगा नाच! दलित दूल्हे के घोड़ी पर चढ़ने से नाराज़ दबंगों ने बारातियों पर किया हमला। 'तुम घोड़ी पर नहीं बैठ सकते' कहकर परिवार के साथ की मारपीट। लोधी समुदाय के चार लोगों पर मामला दर्ज। सामाजिक समानता के दावों के बीच घृणा की यह कड़वी सच्चाई। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
दमोह, मध्य प्रदेश (PNN24 News): इक्कीसवीं सदी के भारत में जहाँ हम अंतरिक्ष तक पहुँचने की बात कर रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के दमोह ज़िले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सामाजिक समानता के दावों की पोल खोलती है। हटा थाना अंतर्गत बिजौरी पाठक गांव में एक दलित दूल्हे को सिर्फ इसलिए हिंसा का शिकार होना पड़ा क्योंकि उसने अपनी शादी में घोड़ी पर चढ़ने का साहस किया।
1. खुशी के माहौल में “नफरत” का खलल
घटना उस समय की है जब दूल्हा गोलू अहिरवार घोड़ी पर बैठकर अपनी शादी की रस्म पूरी कर रहे थे। बैंड-बाजे की धुन पर परिवार और रिश्तेदार नाच रहे थे, तभी गांव के कुछ युवकों ने रास्ता रोक लिया। गोलू अहिरवार ने आपबीती बताते हुए कहा, “हमारे साथ गांव में भेदभाव तो होता ही है, लेकिन उस दिन हद पार हो गई। दबंगों को मेरा घोड़े पर चढ़ना नागवार गुज़रा। वे कह रहे थे कि तुम्हारी जाति के लोग घोड़े पर नहीं बैठ सकते।”
2. लोधी समुदाय के चार लोगों पर मामला दर्ज
पुलिस जांच के अनुसार, हमलावरों ने न सिर्फ दूल्हे का रास्ता रोका बल्कि उसके और परिवार के साथ मारपीट भी की। पुलिस ने इस मामले में लोधी समुदाय के चार लोगों को नामजद किया है, जिनमें से तीन अभियुक्त एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
3. प्रशासन की चुनौती
गाँव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती पर विचार किया जा रहा है। दलित संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और अभियुक्तों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी कुरीतियों और हिंसा पर लगाम लग सके।











