‘सड़कों से शुरू हुआ सफर “कमल” पर थमा: राघव चड्ढा ने “आप” छोड़ बीजेपी में किया प्रवेश; राज्यसभा में केजरीवाल की ताक़त हुई आधी; “संविधान” के रास्ते बीजेपी का हिस्सा बने 7 सांसद!’
भारतीय राजनीति में बड़ा धमाका! 'आप' के पोस्टर बॉय राघव चड्ढा ने थामा भाजपा का दामन। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों (7 में से 10) का बीजेपी में विलय। अरविंद केजरीवाल ने इसे बताया 'पंजाबियों के साथ धक्का'। दिल्ली से पंजाब तक मचे सियासी घमासान पर PNN24 की विशेष खोजी रिपोर्ट।

आदिल अहमद
नई दिल्ली (PNN24 News): शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 की शाम भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में दर्ज हो गई। आम आदमी पार्टी के सबसे युवा और प्रखर चेहरों में से एक, राघव चड्ढा ने पार्टी के साथ अपने 15 साल पुराने रिश्ते को खत्म करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थाम लिया। चड्ढा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर अपनी नई राजनैतिक पारी का आगाज़ किया।
1. दो-तिहाई बहुमत के साथ ‘संवैधानिक’ विलय
राघव चड्ढा अकेले नहीं गए, बल्कि उन्होंने राज्यसभा में ‘आप’ के संसदीय दल को ही हिला कर रख दिया। संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए चड्ढा ने घोषणा की:
“हमने तय किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य (7 सांसद) संविधान के 10वीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार बीजेपी में विलय कर रहे हैं।” इस विलय के साथ ही भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता के नाम भी शामिल हैं। इस कदम से इन सांसदों की सदस्यता पर दलबदल कानून का असर नहीं पड़ेगा।
2. “राइट मैन इन द रोंग पार्टी”: चड्ढा का प्रहार
पार्टी छोड़ने का कारण बताते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जिस भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से ‘आप’ का जन्म हुआ था, आज पार्टी उसी भ्रष्टाचार की दलदल में फंस गई है। उन्होंने केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा, “मैं खुद को अपराधी नहीं बनाना चाहता था, इसलिए मैंने दूरी बना ली। मैं गलत पार्टी में सही इंसान था।”
3. केजरीवाल और ‘आप’ का तीखा पलटवार
इस घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा— “बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का।” पार्टी ने इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा बताया और आरोप लगाया कि भाजपा ने जांच एजेंसियों के डर और प्रलोभन के जरिए उनके सांसदों को तोड़ा है।










