‘ड्रैगन की “नाम वाली चाल” पर भारत का वज्रप्रहार: विदेश मंत्रालय ने कहा— “मनगढ़ंत नाम रखने से हकीकत नहीं बदलती”; चीन ने सरहद पर बनाया नया “सेनलिंग” जिला, भारत की पैनी नज़र!’
चीन की नई 'शरारत' पर भारत का करारा जवाब! अरुणाचल प्रदेश में जगहों के मनगढ़ंत नाम बदलने और लद्दाख-PoK सीमा पर नए जिले बनाने के चीनी प्रयास को भारत ने किया खारिज। रणधीर जायसवाल बोले— "अटल सच्चाई नहीं बदल सकती, अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है।" PNN24 की विशेष कूटनीतिक रिपोर्ट।

आदिल अहमद
नई दिल्ली (PNN24 News): वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करने की कोशिश की है। अरुणाचल प्रदेश की जगहों का नाम बदलने और लद्दाख से सटे इलाकों में नए प्रशासनिक जिले बनाने के चीन के प्रयासों को भारत ने ‘शरारती प्रयास’ करार देते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है।
1. विदेश मंत्रालय का कड़ा संदेश: “अरुणाचल हमारा था और रहेगा”
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान साझा करते हुए चीन को आईना दिखाया है।
- अटल सच्चाई: भारत ने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। चीन के ‘झूठे दावों’ और ‘मनगढ़ंत नामों’ से इस भौगोलिक और ऐतिहासिक सच्चाई को बदला नहीं जा सकता।
- संबंधों पर असर: भारत ने चेतावनी दी कि चीन की ऐसी हरकतें द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों को कमजोर करती हैं। चीन को ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जो आपसी समझ को नुकसान पहुँचाती हैं।
2. रणनीतिक घेराबंदी: नया जिला ‘सेनलिंग’
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चीन ने अपने शिनजियांग प्रांत में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान सीमा के पास ‘सेनलिंग’ नाम का एक नया जिला बनाया है।
- महत्व: यह जिला सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है।
- लद्दाख पर नज़र: इससे पहले चीन ने ‘हीन’ और ‘हेकांग’ जिलों का निर्माण किया था, जिस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया था। ‘हीन’ जिले में अक्साई चिन का वह बड़ा हिस्सा शामिल है, जो लद्दाख का हिस्सा है और जिस पर चीन ने 1962 से अवैध कब्जा कर रखा है।











