‘इस्लामाबाद में टूटी शांति की उम्मीद: 21 घंटे की मैराथन बातचीत बेनतीजा; होर्मुज़ स्ट्रेट पर आर-पार की जंग; “रियाल” में टैक्स मांग रहा ईरान, अमेरिका ने भेजा विध्वंसक!’
इस्लामाबाद में 21 घंटे चली 'मैराथन' शांति वार्ता बेनतीजा! होर्मुज़ स्ट्रेट बना दुनिया के लिए नया सिरदर्द। ईरान की 'रियाल' में शुल्क वसूलने की चेतावनी बनाम ट्रंप का 'रास्ता खुलेगा' का दावा। जेडी वेंस ने ईरान को दिया अंतिम प्रस्ताव। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर PNN24 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
PNN24 News: पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद में रविवार को उस समय वैश्विक निराशा छा गई जब अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक चली गहन बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। इस असफलता ने मध्य-पूर्व में सीज़फ़ायर के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
1. होर्मुज़ स्ट्रेट: विश्व अर्थव्यवस्था की ‘दुखती रग’
बातचीत का सबसे पेचीदा मुद्दा ‘होर्मुज़ स्ट्रेट’ रहा है।
- ईरान का दावा: ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हाजी बाबाई ने स्पष्ट किया कि होर्मुज़ पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है और अब यहाँ से गुजरने वाले जहाजों को शुल्क ईरानी मुद्रा ‘रियाल’ में चुकाना होगा।
- ट्रंप की हुंकार: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यह मार्ग ‘जल्द ही खुलेगा’। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दो विध्वंसक जहाजों (USS फ्रैंक ई पीटरसन और USS माइकल मर्फी) को जलमार्ग पार करने की बात कही, जिसे ईरान ने ‘झूठा’ करार दिया है।
2. जेडी वेंस का ‘अंतिम प्रस्ताव’
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कड़े तेवर दिखाते हुए कहा— “हम ईरान को अपना ‘बेस्ट और फाइनल’ ऑफर दे चुके हैं। या तो वे इसे स्वीकार करें या परिणाम भुगतें।” 21 घंटे की बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष ‘दो-तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं’ पर एकमत नहीं हो सके।
3. जुबानी जंग: ‘हिटलर’ से ‘कप्तान’ तक
- तुर्की बनाम इसराइल: इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन पर आतंकी समर्थन का आरोप लगाया, जिसके जवाब में तुर्की ने नेतन्याहू को ‘इस दौर का हिटलर’ बताया।
- नाम का विवाद: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा ‘फ़ारस की खाड़ी’ को ‘अरब की खाड़ी’ कहने पर ईरान के उपराष्ट्रपति ने तंज कसा— “आप एक कप्तान से ज्यादा कुछ नहीं हैं, 2500 साल पुराना नाम नहीं बदल सकते।”
4. पाकिस्तान की मध्यस्थता और वैश्विक चिंता
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने पूरी रात दोनों पक्षों के बीच सेतु बनने का प्रयास किया। डार ने दोनों देशों से ‘सकारात्मक भावना’ के साथ सीज़फ़ायर बनाए रखने की अपील की है। वहीं ब्रिटेन के पीएम किएर स्टार्मर ने भी दोनों पक्षों से रास्ता निकालने का आग्रह किया है।
📊 इस्लामाबाद वार्ता: एक नज़र में (Talks Summary)
| विवरण | अमेरिकी पक्ष (जेडी वेंस) | ईरानी पक्ष (मोहम्मद-बग़र ग़ालिबाफ़) |
| होर्मुज़ स्ट्रेट | “जल्द ही खुलेगा”, अमेरिकी नौसेना का गश्त। | “ईरान का कब्ज़ा”, शुल्क केवल रियाल में। |
| मुख्य रुख | ‘बेस्ट और फाइनल’ ऑफर, कोई रियायत नहीं। | ‘अत्यधिक मांगों’ को छोड़ें, अविश्वास का माहौल। |
| मध्यस्थ | पाकिस्तान (इसहाक़ डार और आसिम मुनीर) | पाकिस्तान (इसहाक़ डार और आसिम मुनीर) |
| नतीजा | असफल (21 घंटे बाद) | असफल (21 घंटे बाद) |











