‘वाराणसी में “कोहिनूर” की गुंडागर्दी: चौक पुलिस की नाक के नीचे दुकान पर “कब्जा और डकैती”; 8 लाख का माल और कैश पार; दरोगा जी की जारी है “जांच”; क्या धनबली के आगे नतमस्तक है पुलिस?’
वाराणसी विशेष: 'गुड्डू कोहिनूर' का आतंक, चौक के पियरी में दुकानदार का ताला तोड़कर लाखों की लूट और दुकान पर कब्ज़ा! पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के 'एक साल नो ट्रांसफर' वाले नियम का दरोगा उठा रहे फायदा? FIR दर्ज करने के बजाय 'प्रसाद' के चक्कर में जुटी चौक पुलिस। फर्जी पत्रकार और व्यापार मंडल के अध्यक्ष की 'सेटिंग' का PNN24 ने किया खुलासा।

शफी उस्मानी
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल अपनी बैठकों में मातहतों को ‘कानून के शासन’ का पाठ पढ़ाते नहीं थकते, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। चौक थाना क्षेत्र की पियरी पुलिस चौकी के अंतर्गत एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। ‘नकली सिगरेट’ के कारोबार में जेल की हवा खा चुके दबंग गुड्डू कोहिनूर पर एक युवक की दुकान का ताला तोड़कर लाखों का माल लूटने और दुकान पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगा है।
1. वारदात: ताला तोड़ा, माल लूटा और कर लिया कब्ज़ा
पान दरीबा निवासी पीड़ित युवक कामिल खान के अनुसार, पियरी क्षेत्र में उसकी किराए की दुकान है। आरोप है कि:
- लूट: गुड्डू कोहिनूर ने अपने भाई और गुर्गों के साथ देर रात दुकान का ताला तोड़ा।
- गबन: दुकान के अंदर रखा 8 लाख का माल और एक लाख रुपये नकद लूट लिए गए।
- कब्जा: लूट के बाद गुड्डू कोहिनूर ने अपना ताला जड़कर दुकान पर कब्जा जमा लिया।
2. ‘नो ट्रांसफर’ नियम का ‘गलत’ इस्तेमाल?
घटना को 48 घंटे बीत चुके हैं, तहरीर थाने में धूल फांक रही है, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि दरोगाओं को कमिश्नर के उस आदेश से ‘अभय दान’ मिल गया है जिसमें कहा गया है कि एक साल से पहले तबादला नहीं होगा। इसी का फायदा उठाकर पियरी चौकी और चौक थाना पुलिस ‘जांच’ की कछुआ चाल चल रही है, ताकि गुड्डू कोहिनूर जैसे धनबली से ‘प्रसाद’ का हिस्सा सेट किया जा सके।
3. दलाल, फर्जी पत्रकार और ‘सेटिंग’ का खेल
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर अपराध को दबाने के लिए वाराणसी के कुछ ‘फर्जी व्यापार मंडल अध्यक्ष’ और ‘कथित पत्रकार’ सक्रिय हो गए हैं। ये लोग पीड़ित कामिल खान पर दबाव बना रहे हैं ताकि मामले को ‘सुलह’ के नाम पर रफा-दफा किया जा सके। घटना चीख-चीख कर पुलिस की लापरवाही और गुड्डू कोहिनूर के रसूख की कहानी बयां कर रहे हैं।











