‘विपक्ष का नेता “रबर स्टैम्प” नहीं: राहुल गांधी ने सीबीआई डायरेक्टर चयन प्रक्रिया पर जताई असहमति; पीएम मोदी को पत्र लिखकर लगाए गंभीर आरोप!’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई डायरेक्टर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की भूमिका को 'रबर स्टैम्प' बनाने और जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया है। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
नई दिल्ली (PNN24 News): सीबीआई के नए डायरेक्टर के चयन को लेकर प्रधानमंत्री आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक विवादों में घिर गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार इस महत्वपूर्ण संस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है और विपक्ष को इस प्रक्रिया में केवल दिखावे के लिए शामिल किया गया है।
1. चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने पत्र में सरकार की कार्यप्रणाली पर कई आरोप लगाए हैं:
- जानकारी का अभाव: उन्होंने कहा कि कई बार लिखित अनुरोध के बावजूद उन्हें योग्य उम्मीदवारों की रिपोर्ट पहले नहीं दी गई। बैठक में पहली बार उनके सामने 69 उम्मीदवारों की लिस्ट रखी गई, जिसकी गहराई से समीक्षा करना इतने कम समय में संभव नहीं था।
- 360-डिग्री रिपोर्ट से इनकार: राहुल गांधी ने दावा किया कि उम्मीदवारों के काम और बैकग्राउंड को समझने के लिए जरूरी ‘360-डिग्री रिपोर्ट’ उन्हें देने से साफ मना कर दिया गया।
- रबर स्टैम्प की भूमिका: उन्होंने पत्र में स्पष्ट लिखा कि विपक्ष का नेता कोई “रबर स्टैम्प” नहीं है और वह इस पक्षपाती प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ समझौता नहीं कर सकते।
2. संस्था के ‘दुरुपयोग’ का आरोप
राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने बार-बार सीबीआई का गलत इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि चयन समिति में विपक्ष के नेता की भूमिका इसीलिए तय की गई है ताकि संस्था की निष्पक्षता बनी रहे, लेकिन उन्हें असली भूमिका से वंचित रखा गया।
3. बैठक में कौन-कौन था शामिल?
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हुए थे। गौरतलब है कि मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते नए नाम पर चर्चा की जा रही है।












