‘वाराणसी में पोस्टर वॉर: अखिलेश यादव के खिलाफ विवादित पोस्टर पर सपा का भारी हंगामा; कार्यकर्ताओं ने फाड़े पोस्टर, पुलिस से दोषियों पर कार्रवाई की मांग!’
वाराणसी: रामनगर में अखिलेश यादव को 'बिजली चोर' बताने वाले विवादित पोस्टर पर भड़की समाजवादी पार्टी। सपा नेताओं ने भाजपा पर लगाया छवि खराब करने का आरोप, पुलिस को पत्रक सौंपकर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

मो0 सलीम
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी के रामनगर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीएसी (PAC) तिराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में सपा मुखिया को ‘बिजली चोर’ बताया गया था, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
1. “PDA की बढ़ती ताकत से घबराई भाजपा”
सपा नेताओं का आरोप है कि पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों (PDA) और गरीबों के हक की लड़ाई लड़ने वाले अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा सरकार घबरा गई है। नेताओं ने कहा:
- यह कृत्य भाजपा समर्थित अराजक तत्वों की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है।
- इसका मुख्य उद्देश्य PDA की एकता को कमजोर करना और सामाजिक न्याय की आवाज़ को दबाना है।
2. स्मार्ट मीटर और जनविरोध का हवाला
विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने सरकार की नीतियों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूट रही थी। पोस्टपेड स्मार्ट मीटर को रातों-रात प्रीपेड में बदलकर गरीबों पर आर्थिक बोझ डाला गया था, लेकिन समाजवादियों के भारी विरोध के कारण सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
3. पुलिस की मौजूदगी में हटाए गए पोस्टर
विवादित पोस्टर की सूचना मिलते ही पिछड़ा प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष विवेक राकी, महिला सभा की महानगर अध्यक्ष संगीता पटेल और लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ आनंद के नेतृत्व में कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे।
- कार्यकर्ताओं ने रामनगर पुलिस की मौजूदगी में विवादित पोस्टरों को उखाड़कर फाड़ दिया।
- इसके बाद थाना प्रभारी राजकिशोर पांडे को एक पत्रक सौंपा गया, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई।










