‘दीदी की “ज़िद” या संवैधानिक संकट? इस्तीफ़े से इनकार पर क्या बोले विशेषज्ञ; राज्यपाल के “प्लेजर विड्रॉ” से कैसे बनेगी नई सरकार!’
पश्चिम बंगाल: चुनाव हारने के बाद भी ममता बनर्जी का इस्तीफ़े से इनकार। क्या पैदा होगा संवैधानिक संकट? संविधान विशेषज्ञों के अनुसार राज्यपाल के पास है 'बर्खास्त' करने का अधिकार। अनुच्छेद 164 के तहत 'प्लेजर विड्रॉ' कर नई सरकार का रास्ता साफ करेंगे राज्यपाल। PNN24 की विशेष कानूनी रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
कोलकाता/नई दिल्ली (PNN24 News): पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफ़ा न देने के बयान ने एक नई कानूनी बहस को जन्म दे दिया है। ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर ‘साज़िश’ का आरोप लगाते हुए कहा है कि वे इस्तीफ़ा नहीं देंगी क्योंकि उन्हें अनुचित तरीके से हराया गया है।
1. क्या इससे नई सरकार बनाने में अड़चन आएगी?
संविधान विशेषज्ञों के अनुसार, ममता बनर्जी के इस रुख से नई सरकार के गठन में कोई कानूनी बाधा नहीं आएगी:
- एक राज्य, दो मुख्यमंत्री नहीं: लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य का कहना है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ लेते ही ममता बनर्जी के पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
- ऑप्टिक्स की राजनीति: कानूनी सलाहकार आबिद शेख के मुताबिक, यह बयान केवल ‘ऑप्टिक्स’ के लिए है ताकि वे अपने इस दावे को मज़बूत कर सकें कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए।
2. राज्यपाल की शक्ति: अनुच्छेद 164 और ‘प्लेजर विड्रॉ’
अगर ममता बनर्जी स्वयं राजभवन जाकर त्यागपत्र नहीं देती हैं, तो राज्यपाल के पास विशेष संवैधानिक शक्तियां हैं:
- प्लेजर विड्रॉ (Pleasure Withdraw): संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (Pleasure) पद पर रहता है। यदि मुख्यमंत्री बहुमत खो देता है या चुनाव हार जाता है, तो राज्यपाल अपना ‘प्लेजर’ वापस लेकर उन्हें पद से हटा सकते हैं।
- बर्खास्तगी का अधिकार: राज्यपाल बीजेपी विधायक दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे और ममता बनर्जी को बर्खास्त करने का आदेश भी दे सकते हैं।
3. 7 मई की समयसीमा
पश्चिम बंगाल की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। ममता बनर्जी वर्तमान में विधायक भी नहीं हैं, ऐसे में राज्यपाल के पास उन्हें पद से हटाने का पूरा संवैधानिक अधिकार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही बीजेपी अपने नेता का चुनाव करेगी, ममता बनर्जी संभवतः नैतिकता के आधार पर अपना त्यागपत्र सौंप देंगी।











